21 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भाजपा का आरोप: 'रेजीम चेंज' नैरेटिव के पीछे संदिग्ध विदेशी ताकतें, भारत में हिंसा भड़काने की साजिश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भाजपा का आरोप: 'रेजीम चेंज' नैरेटिव के पीछे संदिग्ध विदेशी ताकतें, भारत में हिंसा भड़काने की साजिश

सारांश

भाजपा ने विपक्ष के 'रेजीम चेंज' नैरेटिव को विदेशी साजिश से जोड़ा — बिना ठोस सबूत पेश किए। उद्धव ठाकरे, संजय राउत और कांग्रेस सीधे निशाने पर। यह बयान त्योहारी सीज़न में राजनीतिक तापमान बढ़ाने वाला नवीनतम कदम है।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विदेशी ताकतों पर 'रेजीम चेंज' की साजिश का आरोप लगाया।
आरोपों के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और संजय राउत को परोक्ष रूप से निशाना बनाया गया।
त्रिवेदी ने त्योहारी सीज़न में कथित प्रदर्शनों से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होने पर भी चिंता जताई।
भाजपा ने दावा किया कि 140 करोड़ देशभक्त भारतीयों के संकल्प के सामने 'रेजीम चेंज' का कोई भी प्रयास विफल होगा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 'रेजीम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन के नैरेटिव के पीछे कुछ अज्ञात और संदिग्ध विदेशी ताकतें हैं, जो भारत में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने यह दावा किया, हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह प्रतिक्रिया शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत विपक्ष के कई नेताओं द्वारा 'रेजीम चेंज' के मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाने और इसे अपरिहार्य बताने के बाद आई है। गौरतलब है कि इस बयानबाज़ी के बाद सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव काफी तेज हो गया है।

त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, लेकिन देश के भीतर और बाहर कुछ ताकतें इस प्रगति से 'खुश नहीं हैं' और उनके बीच 'स्पष्ट गठजोड़' दिखाई देता है।

भाजपा के मुख्य आरोप

त्रिवेदी ने विजयादशमी पर प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले ही भ्रष्टाचार, सामाजिक विभाजन और भारतीय संस्कृति एवं धर्म के विरोध के ज़रिए देश को अस्थिर करने की कोशिशों के प्रति आगाह किया था। उन्होंने सनातन धर्म को समाप्त करने की माँग वाले कथित सम्मेलनों, हिंदुत्व विरोधी अभियानों और भारतीय संस्थाओं के बारे में 'भ्रामक नैरेटिव' फैलाने का आरोप भी लगाया।

भाजपा सांसद ने यूरोप में हो रहे प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाक्रमों से भारतीय नागरिकों के सामने तस्वीर और स्पष्ट होती जा रही है। उन्होंने रामायण के रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार रावण के दस सिर थे और एक काटने पर दूसरा सामने आ जाता था, उसी तरह कुछ आंदोलनों में एक माँग पूरी होने पर तुरंत दूसरी माँग उठ खड़ी होती है।

विपक्ष पर सीधा निशाना

उद्धव ठाकरे पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की विरासत का दावा करने वाले नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे उन ताकतों के साथ कैसे खड़े हो सकते हैं, जो कथित तौर पर धर्म और संस्कृति को कमज़ोर करना चाहती हैं।

त्रिवेदी ने कांग्रेस से भी सवाल किया कि संजय राउत के पास राहुल गांधी के बारे में ऐसी कौन-सी जानकारी है, जिससे कांग्रेस नेता भी अनजान हैं। उन्होंने विदेश यात्राओं के बाद राजनीतिक बदलावों की भविष्यवाणी करने वाले बयानों — जैसे 'हाइड्रोजन बम' और 'सुनामी' जैसे शब्दों के इस्तेमाल — पर भी सवाल उठाए।

त्योहारी सीज़न में व्यापारियों को नुकसान का दावा

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि त्योहारों के मौसम में कथित प्रदर्शनों के कारण कारोबारियों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उनके अनुसार, त्योहारी सीज़न व्यापार और मुनाफे के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होता है, और ऐसे माहौल में किया जाने वाला कोई भी व्यवधान आम व्यापारी वर्ग को सीधे प्रभावित करता है।

भाजपा का संकल्प

त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को जनता का समर्थन प्राप्त है और सत्ता परिवर्तन की कथित साजिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने कहा, 'रेजीम चेंज का सपना 140 करोड़ देशभक्त भारतीयों के दृढ़ संकल्प से टकराकर चकनाचूर हो जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे पत्थर से टकराकर कांच टूट जाता है।' उन्होंने कांग्रेस से इन बयानों और कथित विदेशी संपर्कों को लेकर जवाब देने की माँग की।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हैं और विपक्षी दल 'रेजीम चेंज' की संभावना को खुलकर चर्चा का विषय बना रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

नाम या घटना का हवाला नहीं दिया गया। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन बयानों की साक्ष्य-रहित प्रकृति को उजागर करने से चूक जाती है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष का 'रेजीम चेंज' का बयान सियासी उत्तेजना मात्र है, या फिर इसके पीछे कोई ठोस संस्थागत असंतोष है — और इस पर बहस को साक्ष्य-आधारित रखना लोकतंत्र के हित में है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने 'रेजीम चेंज' नैरेटिव पर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा ने आरोप लगाया है कि 'रेजीम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन के नैरेटिव के पीछे अज्ञात और संदिग्ध विदेशी ताकतें हैं जो भारत में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही हैं। यह दावा भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया, हालांकि कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया।
भाजपा ने यह बयान किस संदर्भ में दिया?
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत कई विपक्षी नेताओं ने 'रेजीम चेंज' की संभावना को सार्वजनिक रूप से उठाया था, जिसके बाद भाजपा ने यह प्रतिक्रिया दी। त्योहारी सीज़न में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज होने की पृष्ठभूमि में यह टकराव सामने आया है।
भाजपा ने उद्धव ठाकरे और संजय राउत पर क्या कहा?
सुधांशु त्रिवेदी ने परोक्ष रूप से उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे की विरासत का दावा करने वाले नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे धर्म और संस्कृति विरोधी ताकतों के साथ कैसे खड़े हो सकते हैं। उन्होंने कांग्रेस से संजय राउत के कथित बयानों और विदेशी संपर्कों पर जवाब माँगा।
क्या भाजपा ने विदेशी संलिप्तता के कोई सबूत दिए?
नहीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेशी ताकतों की कथित संलिप्तता के आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज़ी या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। भाजपा ने यूरोप में हो रहे प्रदर्शनों का उल्लेख किया, लेकिन उनका विपक्ष से सीधा संबंध स्थापित नहीं किया।
इस विवाद का व्यापारियों पर क्या असर बताया गया?
भाजपा सांसद त्रिवेदी ने दावा किया कि त्योहारी सीज़न में कथित प्रदर्शनों के कारण कारोबारियों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उनके अनुसार, यह समय व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है और ऐसे में कोई भी व्यवधान व्यापारी वर्ग को सीधे नुकसान पहुँचाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 5 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 1 साल पहले