भाजपा सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी का आरोप: मोदी को हटाने की विदेशी साजिश में विपक्ष शामिल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने 17 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में विपक्षी दलों और विदेशी तत्वों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से बेदखल करने की एक समन्वित अंतरराष्ट्रीय साजिश है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमज़ोर करने का षड्यंत्र बताया और जोर दिया कि सत्ता परिवर्तन केवल चुनावों के ज़रिए होना चाहिए।
विदेशी साजिश का आरोप और विपक्ष पर निशाना
रेड्डी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK), कुछ कट्टरपंथी समूह और विदेशी तत्व एक साझा उद्देश्य के तहत एकजुट हुए हैं — और वह उद्देश्य है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना। उन्होंने कहा कि इन समूहों के बीच नीट, यूपीआई भुगतान प्रणाली या चुनाव आयोग जैसे मुद्दों पर कोई वास्तविक वैचारिक सहमति नहीं है — उनका एकमात्र साझा लक्ष्य सरकार बदलना है। गौरतलब है कि ये आरोप स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं और विपक्षी दलों ने इनका खंडन किया है।
सोशल मीडिया हेरफेर का दावा
हाल के राजनीतिक प्रदर्शनों और डिजिटल अभियानों का उल्लेख करते हुए रेड्डी ने सोशल मीडिया आँकड़ों में बड़े पैमाने पर हेरफेर का आरोप लगाया। आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े एक स्वतंत्र राजनीतिक व्यक्ति का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि इंस्टाग्राम पर अचानक लाखों फॉलोअर्स का बढ़ना फर्जी था और पैसे देकर कराया गया था। हालाँकि, उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि का कोई विवरण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। रेड्डी ने कहा कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले समर्थन और ज़मीनी विरोध प्रदर्शनों में जुटी वास्तविक भीड़ के बीच बड़ा अंतर था।
भारत-बांग्लादेश सीमा समझौते पर टिप्पणी
भू-राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए रेड्डी ने भारत-बांग्लादेश ऐतिहासिक भूमि सीमा समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने 2015 से पहले दोनों देशों के बीच मौजूद एन्क्लेव व्यवस्था — जिसमें 100 से अधिक एन्क्लेव शामिल थे — को बेहद कमज़ोर सीमा प्रबंधन का उदाहरण बताया। उनके अनुसार, यह जटिल ढाँचा दशकों तक अनियंत्रित घुसपैठ की वजह बना रहा और इसे राजनीतिक हितों के लिए वोट बैंक की राजनीति के रूप में इस्तेमाल किया गया। संसद ने 2015 में इस ऐतिहासिक भूमि सीमा समझौते को मंजूरी दी थी।
बाहरी आर्थिक दबाव और मोदी नेतृत्व की तारीफ
रेड्डी ने भारत के सामने मौजूद व्यापक बाहरी चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक स्थिरता पर मुद्रा दबाव, तेल व्यापार में व्यवधान और सूचना प्रौद्योगिकी तथा दवा क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव जैसे तरीकों से दबाव बनाया जा सकता है। इन सभी वैश्विक दबावों के बीच उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने भारत की रणनीतिक और आर्थिक स्वायत्तता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में कई राज्यों में राजनीतिक सरगर्मी तेज है और विपक्ष सरकार पर विभिन्न मुद्दों पर हमलावर है। रेड्डी के आरोपों पर विपक्षी दलों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के आरोप बिना ठोस साक्ष्य के केवल राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या BJP इन दावों को और प्रमाण सहित आगे रखती है।