17 अक्टूबर 2026
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बसवराज बोम्मई का बड़ा आरोप: विदेशी फंडिंग से भारत विरोधी गतिविधियाँ, केंद्र से सख्त कार्रवाई की माँग

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बसवराज बोम्मई का बड़ा आरोप: विदेशी फंडिंग से भारत विरोधी गतिविधियाँ, केंद्र से सख्त कार्रवाई की माँग

सारांश

BJP सांसद बसवराज बोम्मई ने हुबली में विदेशी फंडिंग से भारत विरोधी गतिविधियों पर केंद्र से सख्त कार्रवाई की माँग की — सोरोस फाउंडेशन पर 10 साल में धन प्रवाह और राहुल गांधी पर विदेश में देश विरोधी बयान का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

बसवराज बोम्मई ने 17 अक्टूबर 2026 को हुबली में केंद्र से विदेशी फंडिंग से जुड़ी भारत विरोधी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोरोस फाउंडेशन जैसे संगठनों से पिछले 10 वर्षों से धन प्रवाह हो रहा है।
नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश में विदेशी चंदे के प्रवाह की पुष्टि होने का दावा किया।
राहुल गांधी पर विदेश यात्राओं में भारत विरोधी बयान देने और देश को लोकतंत्र से वंचित दिखाने का आरोप।
कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन विवाद में मुख्यमंत्री द्वारा संदिग्ध पाँचों मंत्रियों की व्यापक जाँच की माँग।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की माँग पर कहा कि महिला आरक्षण से पहले संसद के विशेष सत्र से पूर्व सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद बसवराज बोम्मई ने 17 अक्टूबर 2026 को हुबली में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार से आग्रह किया कि विदेशी धन के ज़रिये संचालित भारत विरोधी साजिशों को गंभीरता से लिया जाए और ऐसी गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) को विदेशी स्रोतों से धन मिल रहा है, जिसका उपयोग देश विरोधी गतिविधियों में हो रहा है।

विदेशी फंडिंग पर गंभीर आरोप

बोम्मई ने दावा किया कि नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश सहित पड़ोसी देशों में विदेशी चंदे के प्रवाह की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोरोस फाउंडेशन जैसे संगठनों से पिछले 10 वर्षों से धन का प्रवाह हो रहा है। बोम्मई ने कहा कि जिस प्रकार केंद्र सरकार ने NGO को मिलने वाले विदेशी निधियों पर सख्त नियम लागू किए हैं, उसी प्रकार भारत विरोधी गतिविधियों में कथित तौर पर इस्तेमाल होने वाली निधियों के खिलाफ भी उतनी ही कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

राहुल गांधी पर सीधा निशाना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए बोम्मई ने आरोप लगाया कि वे विदेश यात्राओं के दौरान भारत के विरुद्ध बोलते हैं और देश को लोकतंत्र से वंचित दिखाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर देश में लोकतंत्र नहीं है, तो वे विपक्ष के नेता कैसे बन गए? दो राज्यों में चुनाव लड़ना ही इस बात का सबूत है कि भारत में लोकतंत्र अभी जीवित है।' बोम्मई ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस, जो चुनावी रूप से BJP का मुकाबला करने में असमर्थ है, सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) जैसे संगठनों का समर्थन करके अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है।

महिला आरक्षण और सर्वदलीय बैठक

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की महिला आरक्षण लागू करने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील पर बोम्मई ने कहा कि संसद के विशेष सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक ज़रूर बुलाई जाएगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब महिला आरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच सहमति की दरकार है।

कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर प्रतिक्रिया

कर्नाटक में चर्चित स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर बोम्मई ने कहा कि कुछ लोग, अपने राजनीतिक विरोधियों का सीधे सामना करने में असमर्थ होने के कारण, स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से विवाद पैदा कर रहे हैं। उन्होंने इसे नैतिक मानकों में गिरावट बताते हुए कहा कि किसी के राजनीतिक करियर को राजनीतिक रूप से चुनौती देने की बजाय स्टिंग ऑपरेशन का इस्तेमाल करना बेहद चिंताजनक है।

बोम्मई ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने जाँच शुरू की है, लेकिन सीमित जाँच पर्याप्त नहीं होगी। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने पाँच मंत्रियों पर संदेह जताया है, इसलिए सभी पाँच मंत्रियों से जुड़े मामलों की उचित और व्यापक जाँच होनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक की राजनीति में इस स्टिंग ऑपरेशन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें विपक्ष — विशेषकर कांग्रेस — को विदेशी हितों से जोड़कर राष्ट्रवादी विमर्श मज़बूत किया जाता है। सोरोस फाउंडेशन का नाम लेना नया नहीं है, लेकिन इस बार इसे पड़ोसी देशों में कथित फंडिंग से जोड़ना आरोपों की गंभीरता बढ़ाता है — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन पर बोम्मई का बयान दिलचस्प है: वे एक साथ जाँच की माँग कर रहे हैं और स्टिंग की नैतिकता पर सवाल उठा रहे हैं — यह दोहरी रणनीति राज्य में विपक्ष की भूमिका को परिभाषित करने की कोशिश है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि इन आरोपों के साथ कोई ठोस दस्तावेज़ी साक्ष्य सामने नहीं आया है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बसवराज बोम्मई ने विदेशी फंडिंग पर क्या आरोप लगाए हैं?
बोम्मई ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों और NGO को विदेशी स्रोतों से धन मिल रहा है, जिसका उपयोग भारत विरोधी गतिविधियों में हो रहा है। उन्होंने सोरोस फाउंडेशन जैसे संगठनों से पिछले 10 वर्षों से धन प्रवाह होने का दावा किया और केंद्र से सख्त कार्रवाई की माँग की।
बोम्मई ने राहुल गांधी की आलोचना किस बात के लिए की?
बोम्मई ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे विदेश यात्राओं के दौरान भारत के विरुद्ध बयान देते हैं और देश को लोकतंत्र से वंचित दिखाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि देश में लोकतंत्र नहीं होता, तो राहुल गांधी विपक्ष के नेता नहीं बन सकते थे।
कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन विवाद में बोम्मई ने क्या कहा?
बोम्मई ने कर्नाटक के स्टिंग ऑपरेशन को नैतिक मानकों में गिरावट बताया और इस प्रथा को बंद करने की माँग की। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की सीमित जाँच पर्याप्त नहीं है और सभी पाँच संदिग्ध मंत्रियों के मामलों की व्यापक जाँच होनी चाहिए।
महिला आरक्षण पर बोम्मई ने क्या कहा?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील पर बोम्मई ने कहा कि संसद के विशेष सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने इस मुद्दे पर आगे विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
विदेशी फंडिंग पर NGO के लिए भारत में क्या नियम हैं?
भारत में विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) के तहत NGO को विदेशी धन प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार से पंजीकरण और अनुमति लेनी होती है। बोम्मई ने माँग की है कि जो संगठन इस फंडिंग का उपयोग भारत विरोधी गतिविधियों में करते हैं, उनके खिलाफ इसी कठोरता से कार्रवाई हो।
राष्ट्र प्रेस
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