राहुल के 'विदेशी मदद' आरोप पर तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव का पलटवार — 'आपकी पार्टी विदेशी ने बनाई'
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष रामचंद्र राव ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया। यह प्रतिक्रिया उस पोस्ट के जवाब में आई जिसमें राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशी वित्तीय सहायता और समर्थन प्राप्त हो रहा है। राव ने न केवल इस आरोप को सिरे से खारिज किया, बल्कि राहुल गांधी पर ही विदेशी संस्थाओं से कथित संबंध रखने का पलटवार किया।
मुख्य घटनाक्रम
राव ने हैदराबाद में मीडिया से बातचीत में कहा, 'राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशी वित्तीय मदद और समर्थन मिल रहा है। उन्हें पहले यह याद रखना चाहिए कि उनकी पार्टी एक विदेशी ने बनाई थी और अब भी इसका नेतृत्व लगभग एक विदेशी ही कर रहा है।' राव का यह बयान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) के इतालवी मूल की सोनिया गांधी के नेतृत्व की ओर कथित इशारा माना जा रहा है।
राव के आरोप — बांग्लादेश, नेपाल और जॉर्ज सोरोस का ज़िक्र
राव ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी बांग्लादेश और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों को भारतीय नीति पर वरीयता देते हैं और कथित तौर पर अमेरिकी निवेशक जॉर्ज सोरोस से समर्थन प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा, 'आप बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों का उदाहरण देते हैं और जॉर्ज सोरोस जैसे विदेशी व्यक्ति से समर्थन लेते हैं। आप यूरोप और अमेरिका के दौरों के दौरान भारत के खिलाफ बोलते हैं।' गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब BJP नेताओं ने राहुल गांधी और सोरोस के बीच कथित संबंध का मुद्दा उठाया हो — पिछले कुछ वर्षों में यह आरोप पार्टी की ओर से बार-बार उठाया जाता रहा है।
सर्जिकल स्ट्राइक और चीन का संदर्भ
तेलंगाना BJP प्रमुख ने राहुल गांधी पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के प्रश्न पर भारत के आधिकारिक रुख के विरुद्ध बयान दिए और चीन के साथ समझौतों में लिप्त रहे। राव ने कहा, 'जब सर्जिकल स्ट्राइक होती है, तो आप भारत के खिलाफ बोलते हैं और पाकिस्तान जैसे विदेशी देशों का समर्थन करते हैं। आपने चीन जैसे देश के साथ समझौता किया। आप खुद आधे विदेशी हैं। असल में, विदेशी समर्थन तो आपको मिल रहा है। ऐसे बयान बौद्धिक खोखलेपन को दर्शाते हैं।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय राजनीति में विदेशी हस्तक्षेप और विदेशी फंडिंग का मुद्दा विशेष रूप से संवेदनशील बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि BJP और कांग्रेस, दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर विदेशी संबंधों के आरोप लगाते रहते हैं, जिससे मूल नीतिगत बहस पृष्ठभूमि में चली जाती है। राहुल गांधी की ओर से इस पलटवार पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा
यह विवाद संसदीय सत्र और राजनीतिक बहसों में और तूल पकड़ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि दोनों दलों के बीच 'विदेशी समर्थन' का आरोप-प्रत्यारोप आने वाले चुनावी माहौल में और तेज़ हो सकता है।