निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर हमला: 'लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा' और विदेशी फंडिंग के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। दुबे ने संसद परिसर में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विपक्ष के कई कार्यक्रमों और आंदोलनों के पीछे विदेशी फंडिंग का हाथ है।
दुबे ने लोकसभा में कहा कि चाहे भारत जोड़ो यात्रा हो या सैम पित्रोदा से जुड़ी गतिविधियाँ, इन सभी को जॉर्ज सोरोस से समर्थन मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोरोस ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए 100 करोड़ रुपए दिए हैं। भाजपा सांसद ने राहुल गांधी को 'लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा' करार देते हुए कहा कि वह मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का प्रयास कर रहे हैं। दुबे ने यह भी कहा कि एलपीजी से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार पहले से चिंतित है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।
उन्होंने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों की एक तस्वीर का उल्लेख करते हुए कहा कि उस तस्वीर में राहुल गांधी समेत कुछ सदस्य चाय पीते हुए दिखाई दे रहे थे। उन्होंने कहा कि संसद कोई पिकनिक स्पॉट नहीं है और गंभीर मुद्दों पर चर्चा के बजाय इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है। भाजपा सांसद ने बताया कि स्पीकर द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मकर द्वार पर किसी प्रकार का धरना-प्रदर्शन नहीं होगा और संसद परिसर में चाय-कॉफी के साथ विरोध-प्रदर्शन भी नहीं किया जाएगा। फिर भी विपक्षी सदस्य इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता दिखाने के बजाय विपक्षी नेता अपने साथियों के साथ चाय-कॉफी पीते हुए, बिस्किट और टोस्ट खाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं, जो किसी पिकनिक जैसा प्रतीत होता है। भाजपा सांसद ने आगे कहा कि सरकार एलपीजी से जुड़ी समस्याओं को लेकर गंभीर है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीतिक एजेंडा चला रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सब विदेशी एजेंडा को आगे बढ़ाने की कोशिश है।
निशिकांत दुबे ने संसद में आंदोलन के नाम पर इस तरह की गतिविधियाँ करने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।