15 अक्टूबर 2026
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बसवराज बोम्मई बोले — मोदी के सांस्कृतिक लोकतंत्र से वैश्विक मंच पर बढ़ी भारत की साख

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बसवराज बोम्मई बोले — मोदी के सांस्कृतिक लोकतंत्र से वैश्विक मंच पर बढ़ी भारत की साख

सारांश

हुबली में चुनाव-प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मोदी की 'राष्ट्र प्रथम' नीति और सांस्कृतिक लोकतंत्र को भारत की बढ़ती वैश्विक साख का आधार बताया। साथ ही कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, खाली खजाने और धीमे विकास के गंभीर आरोप लगाए।

मुख्य बातें

बसवराज बोम्मई ने 15 अक्टूबर 2026 को हुबली में कहा कि PM मोदी की 'राष्ट्र प्रथम' नीति से वैश्विक मंच पर भारत का प्रभाव बढ़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें सोशल मीडिया और तकनीक के जरिए PM मोदी के खिलाफ एजेंडा चला रही हैं।
कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार , बढ़ते कर्ज और खाली खजाने के आरोप लगाए।
BJP उम्मीदवार एसवी संकानूर ने जॉब फेयर के ज़रिए हर साल लगभग 2,300 लोगों को रोजगार दिलाया — बोम्मई का दावा।
बोम्मई ने भरोसा जताया कि 2028 में कर्नाटक में BJP फिर से सत्ता में लौटेगी।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद बसवराज बोम्मई ने 15 अक्टूबर 2026 को हुबली में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'राष्ट्र प्रथम' की नीति और सांस्कृतिक लोकतंत्र पर आधारित शासन-दृष्टि के चलते वैश्विक मंच पर भारत का प्रभाव लगातार सुदृढ़ हो रहा है। उन्होंने यह बात हुबली के अशोक नगर स्थित नवनीकेतन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में वेस्ट ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र के BJP उम्मीदवार एसवी संकानूर के समर्थन में आयोजित एक चुनाव-प्रचार सभा में कही।

मुख्य बयान और राष्ट्रवाद का संदेश

बोम्मई ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं और उनका विजन एक मजबूत तथा समृद्ध भारत के निर्माण का है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो ताकतें भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं, वे देश के भीतर विरोध और अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही हैं।

बोम्मई ने फ्रांस और स्पेन में हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए तर्क दिया कि तकनीक और व्यावसायिक गतिविधियों पर निर्भर समाज अव्यवस्था से उबरने में सक्षम हो सकते हैं, लेकिन भारत की स्थिति भिन्न है क्योंकि यहाँ गहरी सांस्कृतिक जड़ें हैं। उन्होंने कहा, 'हम ऐसे लोग हैं, जो अपनी संस्कृति के अनुसार अपना जीवन जीते हैं। हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों के अनुरूप ही जीना जारी रखना चाहिए।'

तकनीक और ज्ञान-नियंत्रण की चेतावनी

बोम्मई ने सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर भी चेतावनी दी। उनके अनुसार आज के तकनीक-प्रधान युग में जनमत निर्माण में सोशल मीडिया की केंद्रीय भूमिका है, किंतु कथित तौर पर कुछ गतिविधियाँ प्रधानमंत्री मोदी के विरोध के एजेंडे से संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले भौतिक भूमि पर कब्जे से शासन होता था, अब ज्ञान और तकनीकी क्षमताओं पर नियंत्रण के जरिए प्रभाव स्थापित करने की कोशिशें हो रही हैं।

कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर निशाना

बोम्मई ने कर्नाटक की मौजूदा कांग्रेस सरकार पर कड़े आरोप लगाए। उनका कहना था कि राज्य में विकास की गति धीमी हो गई है, सरकारी खजाना खाली है और कर्ज बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, 'राज्य पर कर्ज बढ़ गया है, खजाना खाली है और भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं को सुलझाने तथा निजी व सरकारी कर्मचारियों को पर्याप्त सुविधाएँ देने में नाकाम रही है।

बोम्मई ने सरकारी कर्मचारियों पर दबाव के आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपने विवेक के अनुसार निर्णय लें। उन्होंने कहा, 'सरकारी कर्मचारियों ने 35 वर्षों तक ईमानदारी से सेवा की है। उन्हें अपने विवेक के अनुसार सही फैसले लेने चाहिए।'

चुनावी संदेश और 2028 का लक्ष्य

बोम्मई ने वेस्ट ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र के BJP उम्मीदवार एसवी संकानूर की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने दो कार्यकालों में उल्लेखनीय कार्य किया है और जॉब फेयर के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 2,300 लोगों को रोजगार दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी चुनावों में BJP समर्थित उम्मीदवारों की जीत सरकार को एक कड़ा संदेश देगी। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन से 2028 में कर्नाटक में BJP फिर से सत्ता में आएगी।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब कर्नाटक में विधान परिषद के उप-चुनावों की सरगर्मियाँ तेज हैं और BJP अपनी जमीन फिर से मजबूत करने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए इसे राजनीतिक संदर्भ में तौलना ज़रूरी है। 'सांस्कृतिक लोकतंत्र' की अवधारणा को वैश्विक प्रभाव से जोड़ना एक आकर्षक कथा है, लेकिन इसका कोई ठोस मापन-ढाँचा प्रस्तुत नहीं किया गया। कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर लगाए गए भ्रष्टाचार और खाली खजाने के आरोप गंभीर हैं, किंतु उन्हें किसी आधिकारिक डेटा या ऑडिट रिपोर्ट से नहीं जोड़ा गया। ध्यान देने वाली बात यह है कि BJP खुद कर्नाटक में 2023 के चुनाव भ्रष्टाचार की छाया में हारी थी — इस पृष्ठभूमि में विपक्ष के आरोप जनता कितनी गंभीरता से लेती है, यह 2028 की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बसवराज बोम्मई ने मोदी के सांस्कृतिक लोकतंत्र के बारे में क्या कहा?
बोम्मई ने कहा कि PM मोदी की 'राष्ट्र प्रथम' नीति और सांस्कृतिक लोकतंत्र पर आधारित शासन के कारण वैश्विक मंच पर भारत का प्रभाव बढ़ रहा है। उनके अनुसार भारत की गहरी सांस्कृतिक परंपराएँ इसे फ्रांस और स्पेन जैसे देशों से अलग बनाती हैं।
बोम्मई ने कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर क्या आरोप लगाए?
बोम्मई ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य पर कर्ज बढ़ा है, सरकारी खजाना खाली है और भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों की समस्याएँ हल करने में विफल रही है।
बोम्मई किसके समर्थन में हुबली में प्रचार कर रहे थे?
बोम्मई वेस्ट ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से BJP उम्मीदवार एसवी संकानूर के लिए प्रचार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि संकानूर ने अपने दो कार्यकालों में जॉब फेयर के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 2,300 लोगों को रोजगार दिलाया है।
कर्नाटक में BJP की अगली सरकार को लेकर बोम्मई ने क्या कहा?
बोम्मई ने विश्वास जताया कि PM मोदी के समर्थन से 2028 में कर्नाटक में BJP फिर से सत्ता में आएगी। उन्होंने आगामी चुनावों में BJP समर्थित उम्मीदवारों की जीत को सरकार के लिए एक कड़ा संदेश बताया।
बोम्मई ने सोशल मीडिया और तकनीक को लेकर क्या चेतावनी दी?
बोम्मई ने कहा कि आज के युग में ज्ञान में हेरफेर और तकनीक के दुरुपयोग के ज़रिए दुनिया पर प्रभाव जमाने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि PM मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान चलाकर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
राष्ट्र प्रेस
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