सोलन की 44 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित, 7 को गोल्ड और 6 को सिल्वर मेडल से नवाजा
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 44 पंचायतों को आधिकारिक रूप से टीबी मुक्त घोषित किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अजय पाठक ने 21 अक्टूबर 2026 को बताया कि यह उपलब्धि पंचायती राज प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उत्कृष्टता के आधार पर इन पंचायतों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज — तीन श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया है।
पुरस्कार वितरण: तीन श्रेणियाँ, तीन उपलब्धियाँ
डॉ. पाठक के अनुसार, 7 पंचायतों को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया, जो लगातार तीन वर्षों से टीबी मुक्त बनी हुई हैं। 6 पंचायतों को सिल्वर मेडल मिला, जिन्होंने लगातार दो वर्षों तक टीबी मुक्त स्थिति बनाए रखी। वहीं 31 पंचायतों को इस वर्ष पहली बार टीबी मुक्त घोषित होने पर ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया गया।
टीबी मुक्त दर्जे के मानदंड
किसी पंचायत को टीबी मुक्त घोषित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट मापदंड निर्धारित किए हैं। इसके तहत प्रति 1,000 की आबादी पर कम से कम 30 लोगों की टीबी जाँच अनिवार्य है। इसके अलावा प्रति 1,000 आबादी पर टीबी मरीजों की संख्या 1 से कम होनी चाहिए।
चिह्नित मरीजों का उपचार पूर्ण होना तथा उनका स्वस्थ होना भी ज़रूरी है। साथ ही निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत सभी पात्र मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराना भी इस प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है।
सामाजिक भ्रांतियाँ दूर करना भी जरूरी
सीएमओ डॉ. पाठक ने कहा कि टीबी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और भेदभाव को समाप्त करने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर जाँच और नियमित उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से टीबी के लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करने की अपील की।
टीबी के संभावित लक्षण क्या हैं
डॉ. पाठक के अनुसार, शाम को बुखार आना, अत्यधिक थकान, तेज़ी से वजन घटना, शारीरिक कमज़ोरी, 10 से 14 दिन तक लगातार खाँसी रहना और गले में गाँठें होना टीबी के संभावित लक्षण हो सकते हैं। ऐसे कोई भी लक्षण दिखने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत जाँच करवाने की सलाह दी गई है।
जिन क्षेत्रों में जाँच की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहाँ स्वास्थ्य विभाग खुद सैंपल एकत्र कर उन्हें जाँच केंद्र तक पहुँचाने की व्यवस्था करेगा। सीएमओ ने सभी नागरिकों से टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया है, ताकि सोलन जिला शीघ्र ही पूर्णतः टीबी मुक्त बन सके।