नवादा में टीबी मुक्त भारत अभियान: 135 मरीजों को पोषण सामग्री वितरित, DM रवि प्रकाश ने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नवादा जिले में 17 जुलाई 2026 को 135 टीबी मरीजों को पोषण सामग्री वितरित की गई। समाहरणालय परिसर, नवादा में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, रोटरी क्लब ऑफ नवादा और भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी ने संयुक्त रूप से भाग लिया। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने स्वयं मरीजों के बीच पोषण सामग्री का वितरण किया।
कार्यक्रम का मुख्य घटनाक्रम
शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के 135 टीबी मरीजों को पोषण सामग्री प्रदान की गई। कार्यक्रम में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मी, रोटरी क्लब और भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
यह आयोजन केंद्र सरकार के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है जिसके तहत 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है — एक ऐसा लक्ष्य जो वैश्विक समयसीमा से पाँच वर्ष पहले निर्धारित किया गया था।
जिला पदाधिकारी की अपील
जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि टीबी पूर्णतः उपचार योग्य बीमारी है और समय पर जाँच, नियमित दवा सेवन तथा चिकित्सकीय परामर्श का पालन कर इसे पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता से ही यह अभियान सफल हो सकता है।
उन्होंने आमजनों से टीबी के प्रति जागरूक रहने, मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाने और सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था
सिविल सर्जन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मरीजों की निःशुल्क जाँच, उपचार, नियमित अनुश्रवण एवं परामर्श की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि उपचार के साथ-साथ पौष्टिक आहार की उपलब्धता मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सिविल सर्जन ने यह भी अपील की कि टीबी के लक्षण — जैसे लगातार खाँसी, बुखार, वजन में कमी — दिखाई देने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में जाँच कराएँ और उपचार पूरा होने तक नियमित रूप से दवा लें।
आम जनता पर असर
टीबी भारत में अभी भी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आँकड़ों के अनुसार, भारत वैश्विक टीबी बोझ का एक बड़ा हिस्सा वहन करता है। नवादा जैसे जिलों में इस तरह के सामुदायिक कार्यक्रम न केवल मरीजों को सीधा लाभ पहुँचाते हैं, बल्कि सामाजिक कलंक को कम करने और जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक होते हैं।
गौरतलब है कि पोषण की कमी टीबी के उपचार को जटिल बनाती है, इसलिए पोषण सामग्री वितरण को चिकित्सकीय उपचार का पूरक माना जाता है।
आगे की राह
स्वास्थ्य विभाग, रोटरी क्लब और भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी का यह संयुक्त प्रयास दर्शाता है कि सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों की साझेदारी से टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को तेज़ी से हासिल किया जा सकता है। नवादा जिले में इस तरह के कार्यक्रमों की निरंतरता बनाए रखना और अधिक से अधिक मरीजों तक पहुँचना आने वाले महीनों की प्राथमिकता होगी।