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क्या ममता बनर्जी 72 घंटे में कोयला तस्करी के आरोपों को साबित कर पाएंगी, या उन्हें मानहानि का केस लड़ना होगा?

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क्या ममता बनर्जी 72 घंटे में कोयला तस्करी के आरोपों को साबित कर पाएंगी, या उन्हें मानहानि का केस लड़ना होगा?

सारांश

कोलकाता में भाजपा नेताओं ने ममता बनर्जी को कोयला तस्करी के आरोपों को साबित करने की चुनौती दी है। क्या वह समय पर जवाब देंगी या मानहानि के मामले का सामना करेंगी?

मुख्य बातें

72 घंटे में सबूत पेश करने की चुनौती भाजपा और ममता के बीच राजनीतिक तनाव कोयला तस्करी के आरोपों की गंभीरता

कोलकाता, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल भाजपा के दो प्रमुख नेता सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती दी है कि वे कोयला तस्करी से जुड़े आरोपों को निर्धारित समय सीमा के भीतर साबित करें, नहीं तो उन्हें मानहानि केस का सामना करना पड़ेगा।

सुवेंदु अधिकारी के वकील ने पहले ही मुख्यमंत्री ममता को मानहानि का नोटिस भेजा है जिसमें उनसे 72 घंटे के भीतर सभी सबूत पेश करने के लिए कहा गया है, अन्यथा उन्हें सिविल और क्रिमिनल दोनों तरह की मानहानि की कार्यवाही का सामना करना होगा।

इसके अलावा, चट्टोपाध्याय ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश के माध्यम से मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे उचित समय के भीतर आरोपों को साबित करें या मानहानि की कार्यवाही का सामना करें।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी के राज्य महासचिव जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को हाल ही में पार्टी की नई राज्य समिति में उपाध्यक्ष के पद पर प्रमोट किया गया है।

मुख्यमंत्री ममता ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी के मामलों से प्राप्त धन चट्टोपाध्याय या अधिकारी के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचा।

चट्टोपाध्याय ने यह भी कहा कि 2016 से 2020 तक कोयला तस्करी के चरम समय के दौरान वह पत्रकार थे। उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले पत्रकारिता छोड़कर भाजपा जॉइन की थी।

चट्टोपाध्याय ने अपने वीडियो संदेश में कहा, "2016 से 2020 तक मैंने एक पत्रकार के रूप में पश्चिम बंगाल में कथित कोयला तस्करी घोटाले पर कई रिपोर्ट की थीं। मेरे पास अभी भी मेरी न्यूज रिपोर्ट के सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स हैं।

अब तक मैंने भाजपा नेता के रूप में राजनीति में आने से पहले एक पत्रकार के रूप में इकट्ठा किए गए डॉक्यूमेंट्स को कभी सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन अब जब मेरी व्यक्तिगत छवि प्रभावित हुई है, तो यदि आवश्यकता पड़ी, तो मैं उन डॉक्यूमेंट्स को जनता के सामने रख दूंगा। क्या यह मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी की छवि के लिए उचित होगा?"

चट्टोपाध्याय ने आगे कहा, "मैं मुख्यमंत्री को चुनौती देता हूं कि वे 72 घंटे के अंदर इस मामले में सभी सबूत पेश करें या कानूनी नतीजों का सामना करें।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकती है। ऐसे में, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ममता समय सीमा पर सबूत पेश कर पाती हैं या नहीं।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ममता बनर्जी कोयला तस्करी के आरोपों को साबित कर पाएंगी?
इसका पता 72 घंटे में चल जाएगा जब मुख्यमंत्री सबूत पेश करेंगी।
भाजपा ने ममता को क्यों चुनौती दी?
भाजपा ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री कोयला तस्करी में संलिप्त हैं।
क्या मानहानि के लिए कानूनी कार्रवाई संभव है?
यदि ममता सबूत नहीं पेश करतीं, तो भाजपा मानहानि की कार्रवाई कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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