मनोज झा ने ईरान पर अमेरिकी धमकी को चिंताजनक बताया, कहा- अमेरिकी जनता के प्रति सहानुभूति
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिकी धमकी पर मनोज झा की चिंता।
- महिला आरक्षण बिल में देरी का मुद्दा।
- राजनीतिक बयानों का महत्व।
- केरल की प्रगति की सराहना।
- सभी के लिए समान मानदंड की आवश्यकता।
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान को अमेरिका द्वारा दी गई नई धमकी पर राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि मुझे अमेरिकी लोगों के प्रति गहरी सहानुभूति है। यह चिंताजनक है कि किस प्रकार से इंसान को इस तरह की सत्ता मिल गई है। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में यह स्थिति अत्यंत गंभीर है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में मनोज झा ने कहा कि अगर यह केवल होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने के लिए धमकी होती, तो शायद यह इतनी बड़ी समस्या नहीं बनती। वर्तमान में, वैश्विक परिप्रेक्ष्य में स्थिति बहुत चिंताजनक है और डोनाल्ड ट्रंप इसे संभालने में असमर्थ हैं। मुझे तो अमेरिकी जनता के प्रति गहरी हमदर्दी है।
महिला आरक्षण बिल के लिए तीन दिन का विशेष संसद सत्र बुलाए जाने पर उन्होंने कहा कि इसमें 30 महीने की देरी हुई है, क्या कोई इसके लिए माफी मांगेगा? जब नई संसद भवन का निर्माण हुआ, तो इसी मुद्दे को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। हमारी पार्टी का मानना है कि भविष्य में इसमें बदलाव किया जाएगा, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि इस देरी का कारण क्या था?
गुजरात के लोगों के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिए गए बयान पर मनोज झा ने कहा कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर देखना सही नहीं है। चाहे केरल में यूडीएफ या एलडीएफ की सरकार हो, किसी भी मानक पर केरल काफी आगे है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने केरल की तुलना सोमालिया से की थी, तब इतनी नाराजगी क्यों नहीं दिखाई गई?
उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि केरल हर मानक पर देश के बाकी राज्यों के लिए एक आदर्श है। हम तो चाहेंगे कि हमारा राज्य बिहार भी उसी अनुपात में तरक्की करे।
हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि यदि कानूनी कार्रवाई करनी है, तो करें, लेकिन यूपी के एक राजनेता के बेटे पर केवल दो पैनकार्ड रखने पर क्या बीता है, यह हम सभी जानते हैं। इसलिए मानदंड सभी के लिए समान होने चाहिए।