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क्या मराठा समुदाय को जाति प्रमाणपत्र के लिए राहत मिली है?

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क्या मराठा समुदाय को जाति प्रमाणपत्र के लिए राहत मिली है?

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय के लिए जाति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक नया शासन निर्णय जारी किया है। इस निर्णय से योग्य व्यक्तियों को 'कुणबी' के रूप में प्रमाणपत्र प्राप्त होंगे, जिससे उन्हें प्रशासनिक राहत मिलेगी। यह कदम सामाजिक और ऐतिहासिक संदर्भों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

मुख्य बातें

मराठा समुदाय के लिए नया शासन निर्णय जारी。 प्रमाणपत्र प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।
ग्राम स्तर पर तीन सदस्यीय समिति का गठन।
ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लिया गया है।
स्थानीय स्तर पर जांच की जाएगी।

मुंबई, 2 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। मराठा समुदाय के लिए लंबे समय से चल रही आरक्षण और प्रमाणपत्र प्रक्रिया में महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने एक नया शासन निर्णय (जीआर) जारी किया है, जिसके अनुसार मराठा समुदाय के योग्य व्यक्तियों को "कुणबी," "मराठा-कुणबी," या "कुणबी-मराठा" के रूप में जाति प्रमाणपत्र जारी करने की स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

यह निर्णय मराठा समाज को न केवल प्रशासनिक राहत प्रदान करेगा, बल्कि प्रमाणपत्र जारी करने में पारदर्शिता और तेजी भी लाएगा।

इस फैसले के पीछे मराठवाड़ा क्षेत्र की ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को अहम आधार माना गया है। सातवाहन, चालुक्य, और यादव जैसे साम्राज्यों का गढ़ रहे इस क्षेत्र ने हमेशा से सामाजिक विविधता को अपनाया है।

17 सितंबर 1948 को यह क्षेत्र भारत में विलीन हुआ और 1 मई 1960 से महाराष्ट्र का हिस्सा बना। निजाम शासन के दौरान यहां "कुणबी" जाति को "कापू" कहा जाता था, जिनका मुख्य व्यवसाय कृषि था। इन्हीं ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर मराठा समाज के कई हिस्सों को कुणबी के रूप में मान्यता दी गई है।

राज्य सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए पूर्व न्यायमूर्ति संदीप शिंदे की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया था। इस समिति ने हैदराबाद गजेटियर सहित देशभर से 7,000 से अधिक ऐतिहासिक दस्तावेज एकत्र किए, जिनमें दिल्ली, हैदराबाद और अन्य प्रमुख स्थानों से हासिल सामग्री शामिल है।

इन दस्तावेजों के आधार पर सरकार ने प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में जरूरी संशोधन किए हैं ताकि योग्य मराठा व्यक्तियों को कुणबी प्रमाणपत्र आसानी से मिल सके।

नए शासन निर्णय के अनुसार, अब ग्राम स्तर पर एक तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी, जिसमें ग्राम महसूल अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और सहायक कृषि अधिकारी शामिल होंगे।

यह समिति स्थानीय स्तर पर संबंधित आवेदक की जांच करेगी। जिन लोगों के पास भूमि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं, वे 13 अक्टूबर 1967 से पहले के निवास का उल्लेख करते हुए प्रतिज्ञापत्र दे सकते हैं। समिति की जांच के बाद सक्षम प्राधिकारी जाति प्रमाणपत्र जारी करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देगा। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस प्रक्रिया में सभी के लिए समानता हो।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मराठा समुदाय के लिए जाति प्रमाणपत्र कैसे प्राप्त किया जा सकता है?
योग्य व्यक्तियों को 'कुणबी' के रूप में प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए ग्राम स्तर पर एक समिति द्वारा जांच की जाएगी।
क्या इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है?
हाँ, नए शासन निर्णय में प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए उपाय किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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