जमानत न मिलने से निराश कैदी ने की आत्महत्या की कोशिश, इलाज के दौरान हुई मृत्यु
सारांश
Key Takeaways
- जमानत का न मिलना मानसिक तनाव का कारण बन सकता है।
- जेल प्रशासन को ऐसी घटनाओं की जांच करनी चाहिए।
- परिवारों को अपने प्रियजनों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।
मथुरा, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिला कारागार में निरुद्ध एक विचाराधीन कैदी ने जमानत न मिल पाने के कारण आत्महत्या का प्रयास किया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने जेल प्रशासन में हड़कंप मचा दिया।
मृतक की पहचान सुरेश के रूप में हुई है, जो गोवर्धन थाना क्षेत्र का निवासी था और एनडीपीएस एक्ट के तहत २०२५ में से जेल में था। जानकारी के अनुसार, बुधवार की रात लगभग २ बजे सुरेश शौचालय गया, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आया। जब ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों ने दरवाजा खोला, तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। सुरेश ने अपने लोअर को गेट की कुंडी में बांधकर फांसीमौत हो गई।
यह बताया गया है कि सुरेश लंबे समय से जमानत न मिलने के कारण मानसिक तनाव में था। उसके परिवार ने उसकी जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील भी की थी, लेकिन २४ मार्च को उसका मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सका। घटना से पहले उसने अपने पिता के साथ बातचीत में नाराजगी व्यक्त की थी। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि बुधवार रात करीब २ बजे एक बंदी ने बैरक में आत्महत्या का प्रयास किया। सुरेश जब शौचालय गया, तब १० मिनट तक वापस नहीं आया। जब पहरेदारों ने उसे देखा, तो पाया गया कि उसने फांसी लगाई है। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
जांच में यह पता चला कि २४ मार्च को सुरेश की हाई कोर्ट में पेशी थी, लेकिन फाइल नंबर पर न आ पाने के कारण वह परेशान था। यह भी ज्ञात हुआ कि पिछले एक साल में उसने ३ से ४ वकील बदले थे। एक दिन पहले, २५ मार्च की सुबह, उसने अपने पिता से बात की थी और वकील की पैरवी को लेकर चिंता जताई थी।
जेल प्रशासन इस घटना के पीछे के कारणों की गहराई से जांच कर रहा है।