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क्या मौलाना रजवी ने हुमायूं कबीर के बयान का उचित उत्तर दिया?

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क्या मौलाना रजवी ने हुमायूं कबीर के बयान का उचित उत्तर दिया?

सारांश

बरेली से मौलाना रजवी का हुमायूं कबीर के विवादास्पद बयान पर सख्त रुख। जानिए क्यों उन्होंने ‘बाबरी मस्जिद’ नाम रखने पर आपत्ति जताई है। क्या इससे अतीत का विवाद फिर भड़क सकता है?

मुख्य बातें

मस्जिद का निर्माण हर व्यक्ति का अधिकार है।
‘बाबरी मस्जिद’ नाम का उपयोग विवाद को भड़काने वाला हो सकता है।
अतीत का विवाद सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से समाप्त हो चुका है।
राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील मुद्दों को भड़काना उचित नहीं।
शांति बनाए रखना समाज की जिम्मेदारी है।

बरेली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ बनाने के बयान ने देश में सियासी हलचल को बढ़ा दिया है। इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मस्जिद बनाना हर व्यक्ति का वैधानिक अधिकार है, लेकिन उसका नाम ‘बाबरी मस्जिद’ रखना किसी भी रूप में उचित नहीं है, क्योंकि इससे अतीत का निपटा हुआ विवाद दोबारा भड़क सकता है।

मौलाना रजवी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद में मस्जिद की नींव 6 दिसंबर को रखने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल जहां जरूरत हो, बनाए जा सकते हैं, बशर्ते यह पूरी तरह कानूनी दायरे में हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद पूरी तरह समाप्त हो चुका है और वहां राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। ऐसे में इस विवाद को पुनर्जीवित करने की कोई जरूरत नहीं है।

उन्होंने टीएमसी विधायक पर आरोप लगाया कि इस तरह का बयान देकर वे देश का शांतिपूर्ण माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मौलाना रजवी ने कहा, “आप मस्जिद बनाइए, उसका कोई भी नाम रखिए, लेकिन ‘बाबरी मस्जिद’ मत रखिए। एक विवाद बड़ी मुश्किल से खत्म हुआ है, उसे दोबारा जीवित मत कीजिए। आज भारत का माहौल बहुत अच्छा है, लोग मिलजुल कर रह रहे हैं। ऐसे समय में दिलों और समाज में दरार डालने वाले बयान देने से बचना चाहिए।”

उन्होंने अपनी अपील में दोहराया कि देश में अमन-चैन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील मुद्दों को हवा देना समाज के हित में नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि संवेदनशील मुद्दों पर विचार करते समय हम सभी की जिम्मेदारियों को समझें। मौलाना रजवी का यह कहना कि विवाद को फिर से जीवित नहीं करना चाहिए, उन्हें समाज में सुलह और शांति की दिशा में एक सही कदम मानते हैं। राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील मुद्दों को भड़काना उचित नहीं है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुमायूं कबीर का विवादास्पद बयान क्या था?
हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ बनाने का बयान दिया था, जिसे लेकर मौलाना रजवी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
मौलाना रजवी ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मौलाना रजवी ने कहा कि मस्जिद बनाना वैधानिक अधिकार है, लेकिन ‘बाबरी मस्जिद’ नाम रखना उचित नहीं है।
क्या अयोध्या का विवाद खत्म हो चुका है?
जी हां, अयोध्या में बाबरी मस्जिद से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद समाप्त हो चुका है।
रजवी का क्या कहना है शांति के लिए?
उन्होंने कहा कि देश में अमन-चैन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
क्या यह राजनीतिक विवाद है?
हां, मौलाना रजवी ने आरोप लगाया कि इस बयान के पीछे राजनीतिक लाभ की मंशा हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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