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मीका सिंह का सुबोध उनियाल पर पलटवार: '₹35 लाख नकद दिए या चेक से, रसीद दिखाइए'

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मीका सिंह का सुबोध उनियाल पर पलटवार: '₹35 लाख नकद दिए या चेक से, रसीद दिखाइए'

सारांश

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के लिप-सिंक आरोपों के जवाब में मीका सिंह ने एक्स पर सीधा सवाल दाग दिया — ₹35 लाख नकद दिए या चेक से, रसीद दिखाइए। भाई दलेर मेहंदी की सख़्त जुबान में पैरवी करते हुए मीका ने कलाकारों की पेशेवर प्रतिबद्धता का भी हवाला दिया।

मुख्य बातें

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दावा किया कि गायक दलेर मेहंदी ने नवरात्रि शो में ₹35 लाख लेने के बावजूद लिप-सिंक किया।
गायक मीका सिंह ने 21 अक्टूबर 2026 को एक्स पर मंत्री से भुगतान की रसीद सार्वजनिक करने की माँग की।
मीका ने पूछा कि ₹35 लाख नकद दिए गए थे या चेक से — और रसीद न दिखाने पर सवाल उठाया।
मीका ने 20 अक्टूबर को एक वीडियो जारी कर दलेर मेहंदी पर शराब से संबंधित आरोपों को भी सिरे से खारिज किया।
मंत्री उनियाल ने अभी तक रसीद या भुगतान के तरीके का कोई खुलासा नहीं किया है।

गायक मीका सिंह ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल से कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को सीधी चुनौती दी — पूछा कि नवरात्रि कार्यक्रम के लिए गायक दलेर मेहंदी को दिए गए कथित ₹35 लाख नकद चुकाए गए थे या चेक से, और भुगतान की रसीद सार्वजनिक करने की माँग की। यह विवाद उस वक्त सामने आया जब उनियाल ने दावा किया कि दलेर मेहंदी ने भारी-भरकम रकम लेने के बावजूद नवरात्रि शो में लाइव गाने की बजाय लिप-सिंक किया।

मीका सिंह का एक्स पर सीधा सवाल

मीका ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'सर, आपने ₹35 लाख नकद दिए थे या चेक से? अगर आपके पास भुगतान की रसीदें हैं, तो कृपया उन्हें सार्वजनिक रूप से साझा कीजिए, ताकि सबको सच्चाई पता चल सके। धन्यवाद!' इस सवाल के ज़रिये मीका ने उनियाल के आरोपों की विश्वसनीयता पर सीधे प्रश्नचिह्न खड़ा किया।

गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब किसी नेता और किसी कलाकार के बीच शो-फीस और परफॉर्मेंस की गुणवत्ता को लेकर विवाद सार्वजनिक हुआ हो। लेकिन इस बार मामला इसलिए तूल पकड़ा क्योंकि आरोप एक कैबिनेट मंत्री की तरफ से आए हैं।

सुबोध उनियाल का आरोप — क्या कहा मंत्री ने

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने दलेर मेहंदी को नवरात्रि के एक कार्यक्रम में आमंत्रित किया था, क्योंकि वे उद्योग में एक जाना-माना नाम हैं। उनियाल ने आरोप लगाया कि शो के दौरान दलेर मेहंदी केवल अपने पुराने गानों पर लिप-सिंक करते नज़र आए, जबकि उन्हें कार्यक्रम में भाग लेने के लिए ₹35 लाख की पेशकश की गई थी।

मंत्री ने यह भी कहा कि स्थानीय प्रतिनिधि और मेले समिति के सदस्य होने के नाते जनता का दबाव है कि इस मामले को सुलझाया जाए। हालाँकि उन्होंने भुगतान के तरीके या रसीद के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।

दलेर मेहंदी के बचाव में उतरे मीका

मंगलवार, 20 अक्टूबर को मीका सिंह ने एक कदम और आगे जाते हुए चुनौती दी कि अगर कोई यह साबित कर दे कि उनके बड़े भाई दलेर मेहंदी शराब पीते हैं, तो वे गायन छोड़ देंगे।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, 'क्या आपने कभी उनके हाथ में शराब का गिलास देखा है? नहीं। जब आपने देखा ही नहीं, तो आपने कैसे कह दिया उनसे खड़ा नहीं हुआ जा रहा?' मीका ने कलाकारों की पेशेवर प्रतिबद्धता का हवाला देते हुए कहा कि चाहे 104 डिग्री बुखार हो, कलाकार अपना वादा निभाते हैं — और संभवतः दलेर मेहंदी ने भी बीमारी या अन्य परिस्थितियों के बावजूद शो किया होगा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

मनोरंजन उद्योग के जानकारों का कहना है कि लाइव परफॉर्मेंस और लिप-सिंकिंग के बीच का अंतर अक्सर साउंड सिस्टम की गुणवत्ता, वेन्यू की ध्वनिकी और कलाकार की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। कथित तौर पर कोई स्वतंत्र जाँच या तकनीकी सत्यापन इस मामले में अभी तक नहीं हुई है।

यह विवाद इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी या सरकार-समर्थित आयोजनों में कलाकारों को दी जाने वाली फीस की पारदर्शिता पर बहस को नई धार देता है।

आगे क्या होगा

मीका सिंह के रसीद माँगने के सवाल पर अभी तक मंत्री सुबोध उनियाल की तरफ से कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है। दलेर मेहंदी की प्रबंधन टीम ने भी इस विषय पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बयान इस विवाद की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भुगतान का कोई प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया — यह चूक उनकी अपनी विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। मीका का रसीद माँगना रणनीतिक रूप से चतुर है: अगर भुगतान नकद हुआ, तो खुद सरकारी पारदर्शिता कठघरे में आती है; अगर चेक से हुआ, तो रसीद न दिखाना कमज़ोरी बन जाती है। मुख्यधारा की कवरेज 'सेलेब्रिटी ड्रामा' के रूप में इस मामले को निपटा देती है, जबकि असली कहानी सार्वजनिक धन से होने वाले आयोजनों में वित्तीय जवाबदेही की है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी पर क्या आरोप लगाए?
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दावा किया कि दलेर मेहंदी ने नवरात्रि के एक कार्यक्रम में ₹35 लाख की फीस लेने के बावजूद लाइव गाने की बजाय लिप-सिंक किया। उन्होंने कहा कि जनता और मेले समिति का उन पर इस मामले को सुलझाने का दबाव है।
मीका सिंह ने एक्स पर क्या लिखा?
मीका सिंह ने 21 अक्टूबर 2026 को एक्स पर लिखा कि मंत्री ने ₹35 लाख नकद दिए थे या चेक से, और अगर रसीद है तो उसे सार्वजनिक करें ताकि सच्चाई सामने आए। यह पोस्ट उनके भाई दलेर मेहंदी का बचाव करने के लिए लिखी गई थी।
क्या दलेर मेहंदी ने इस विवाद पर कोई बयान दिया है?
अभी तक दलेर मेहंदी या उनकी प्रबंधन टीम की तरफ से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है। उनके भाई मीका सिंह ने सोशल मीडिया के ज़रिये उनका बचाव किया है।
मीका सिंह ने दलेर मेहंदी पर शराब के आरोपों का क्या जवाब दिया?
मीका सिंह ने 20 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो जारी कर कहा कि किसी ने भी दलेर मेहंदी के हाथ में शराब का गिलास नहीं देखा, इसलिए यह आरोप निराधार है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर कोई साबित कर दे कि दलेर शराब पीते हैं तो वे खुद गायन छोड़ देंगे।
इस विवाद में आगे क्या होने की उम्मीद है?
मंत्री सुबोध उनियाल ने अभी तक मीका के रसीद वाले सवाल का कोई जवाब नहीं दिया है। दोनों पक्षों के अगले बयान यह तय करेंगे कि क्या यह मामला कानूनी या प्रशासनिक जाँच की दिशा में जाता है या सोशल मीडिया विवाद तक सीमित रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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