क्या मिर्जापुर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई? एक आरोपी गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- मुठभेड़ में आरोपी फरीद को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
- फरीद पर गंभीर आरोपों की लंबी सूची है।
- पुलिस की सक्रियता से और भी आरोपियों की गिरफ्तारी संभव है।
- जिम संचालकों पर गंभीर आरोप लगे हैं।
- धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग के मामलों की जांच जारी है।
मिर्जापुर, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी फरीद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, फरीद पर जिम की आड़ में धर्मांतरण, ब्लैकमेलिंग और धन उगाही के मामले दर्ज हैं। पुलिस कई दिनों से इसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के खड़ंजा फाल में पुलिस फरीद को गिरफ्तार करने गई थी। पुलिस को आते देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई, और फरीद के पैर में गोली लग गई।
पुलिस ने घायल आरोपी फरीद को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक इस मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य लोगों की तलाश की जा रही है, और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि धर्मांतरण, ब्लैकमेलिंग और धन उगाही के मामलों की जांच जारी है। इसमें जो भी लोग शामिल हैं, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
इससे पहले पुलिस ने इस मामले में एक जिम मालिक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि अन्य की तलाश जारी है। इसके साथ ही पुलिस ने चार जिम को सील कर दिया है।
यह मामला सदर तहसील कॉलोनी में संचालित केजीएन जिम से जुड़ा है। दो महिलाओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि जिम संचालक और ट्रेनर दोस्ती के बहाने उन्हें प्रेम जाल में फंसाते थे। आरोप है कि इसके बाद महिलाओं पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया, उनका यौन शोषण किया गया और वीडियो बनाकर उनसे पैसे वसूले गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।
हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक केसरवानी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि केजीएन जिम पिछले 10-12 वर्षों से संचालित हो रहा था और इसकी तीन से चार शाखाएं थीं। उन्होंने कहा कि संगठन को लंबे समय से यहां कथित ‘लव जिहाद’ की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। पीड़ित परिवारों से संपर्क के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।