11 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मिथुन मन्हास: घरेलू क्रिकेट के 'सुपरस्टार' जो बने BCCI के पहले गैर-अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मिथुन मन्हास: घरेलू क्रिकेट के 'सुपरस्टार' जो बने BCCI के पहले गैर-अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष

सारांश

मिथुन मन्हास BCCI अध्यक्ष बने — 157 फर्स्ट-क्लास मैचों में 9,714 रन, फिर भी इंटरनेशनल करियर नहीं; जम्मू-कश्मीर को रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाया और 28 सितंबर 2025 को BCCI के शीर्ष पद पर पहुँचे।

मुख्य बातें

मिथुन मन्हास को 28 सितंबर 2025 को BCCI का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, रोजर बिन्नी के उत्तराधिकारी के रूप में।
वह BCCI इतिहास में एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच न खेलने के बावजूद अध्यक्ष बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।
157 फर्स्ट-क्लास मैचों में 45 की औसत से 9,714 रन , 27 शतक और 49 अर्धशतक ।
उनकी देखरेख में जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताब जीता।
उनके मार्गदर्शन में उमरान मलिक समेत कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर उभरे।
जन्म: 12 अक्टूबर 1979 , जम्मू-कश्मीर ; फर्स्ट-क्लास डेब्यू: 1997 ।

भारतीय क्रिकेट के पूर्व खिलाड़ी मिथुन मन्हास ने घरेलू क्रिकेट में दशकों तक शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन राष्ट्रीय टीम की जर्सी कभी नहीं पहन सके। इसके बावजूद, उन्होंने 28 सितंबर 2025 को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष पद की शपथ ली — और इस तरह वह BCCI के इतिहास में एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच खेले बिना सर्वोच्च पद पर पहुँचने वाले पहले व्यक्ति बन गए।

प्रारंभिक जीवन और क्रिकेट की शुरुआत

मिथुन मन्हास का जन्म 12 अक्टूबर 1979 को जम्मू-कश्मीर में हुआ। बचपन से ही क्रिकेट के प्रति गहरी रुचि रखने वाले मन्हास ने इस खेल को अपना करियर बनाने का निर्णय लिया और अथक परिश्रम के बल पर जल्द ही घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 1997 में पदार्पण किया।

घरेलू क्रिकेट में उपलब्धियाँ

मन्हास का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड अत्यंत प्रभावशाली रहा। 157 फर्स्ट-क्लास मैचों में उन्होंने 45 की औसत से 9,714 रन बनाए, जिसमें 27 शतक और 49 अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाजी में भी उन्होंने 40 विकेट झटके। लिस्ट-ए फॉर्मेट में 130 मुकाबलों में उन्होंने 4,126 रन बनाने के साथ 25 विकेट भी हासिल किए।

गौरतलब है कि उस दौर में राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली जैसे महारथियों की मौजूदगी के कारण मन्हास को भारतीय टीम में जगह नहीं मिल सकी — यह ऐसे समय में आया जब घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट था।

जम्मू-कश्मीर क्रिकेट का कायाकल्प

खेल के बाद मन्हास ने क्रिकेट ऑपरेशन्स डायरेक्टर के पद पर रहते हुए जम्मू-कश्मीर क्रिकेट को नई दिशा दी। उन्होंने बुनियादी ढाँचे में सुधार, लाल मिट्टी की पिचों के निर्माण और जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों की पहचान जैसे कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया। उनकी देखरेख में उमरान मलिक समेत कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी उभरकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचाने गए।

उनके प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम यह रहा कि जम्मू-कश्मीर टीम रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताब जीतने में सफल रही — यह उपलब्धि पहले कभी हासिल नहीं हुई थी।

BCCI अध्यक्ष पद तक का सफर

जम्मू-कश्मीर क्रिकेट में उल्लेखनीय योगदान देने के बाद 28 सितंबर 2025 को मन्हास को रोजर बिन्नी के उत्तराधिकारी के रूप में BCCI का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति कई कारणों से ऐतिहासिक है — वह BCCI के इतिहास में पहले ऐसे अध्यक्ष हैं जिन्होंने एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला।

भारतीय क्रिकेट प्रशासन पर असर

मन्हास की नियुक्ति यह संकेत देती है कि BCCI प्रशासन में अब अंतरराष्ट्रीय खेल अनुभव से अधिक जमीनी विकास कार्य और संगठनात्मक क्षमता को महत्व दिया जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह बदलाव भारतीय क्रिकेट की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है, जहाँ घरेलू ढाँचे और खिलाड़ी विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। आने वाले समय में उनके नेतृत्व में BCCI की नीतियाँ और खिलाड़ी चयन प्रक्रिया में क्या बदलाव आते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ सचिन-गांगुली युग के खिलाड़ी ही प्रशासन में आते थे। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय घरेलू क्रिकेट में राज्य संघों की भूमिका और जमीनी विकास की माँग बढ़ रही है। जम्मू-कश्मीर जैसे 'नॉन-ट्रेडिशनल' क्रिकेट राज्य को रणजी ट्रॉफी तक पहुँचाना उनकी साख का सबसे मजबूत तर्क है। असली परीक्षा अब यह है कि क्या वह BCCI की विशाल व्यावसायिक और राजनीतिक जटिलताओं को उसी दक्षता से संभाल पाते हैं जिससे उन्होंने एक छोटे राज्य के क्रिकेट ढाँचे को बदला था।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिथुन मन्हास BCCI के अध्यक्ष कब बने?
मिथुन मन्हास को 28 सितंबर 2025 को BCCI का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने रोजर बिन्नी के बाद यह पद संभाला और वह BCCI के इतिहास में एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच खेले बिना अध्यक्ष बनने वाले पहले व्यक्ति बने।
मिथुन मन्हास का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड कैसा रहा?
मिथुन मन्हास ने 157 फर्स्ट-क्लास मैचों में 45 की औसत से 9,714 रन बनाए, जिसमें 27 शतक और 49 अर्धशतक शामिल हैं। लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने 130 मैचों में 4,126 रन बनाए और 25 विकेट भी झटके।
मिथुन मन्हास भारतीय टीम के लिए क्यों नहीं खेल सके?
उस युग में राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली जैसे विश्वस्तरीय बल्लेबाजों की मौजूदगी के कारण मन्हास को अंतरराष्ट्रीय टीम में स्थान नहीं मिल सका। घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उत्कृष्ट था, लेकिन प्रतिस्पर्धा असाधारण रूप से कठिन थी।
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के विकास में मन्हास की भूमिका क्या रही?
क्रिकेट ऑपरेशन्स डायरेक्टर के रूप में मिथुन मन्हास ने जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढाँचे में सुधार, लाल मिट्टी की पिचों का निर्माण और जमीनी स्तर पर प्रतिभा की पहचान जैसे कार्य किए। उनकी देखरेख में उमरान मलिक समेत कई खिलाड़ी उभरे और टीम ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताब जीता।
मिथुन मन्हास से पहले BCCI के अध्यक्ष कौन थे?
मिथुन मन्हास से पहले रोजर बिन्नी BCCI के अध्यक्ष थे। मन्हास ने 28 सितंबर 2025 को बिन्नी के उत्तराधिकारी के रूप में यह पद संभाला।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 12 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले