मध्य प्रदेश: सीएम मोहन यादव ने मुस्तफा आरिफ की पुस्तक 'गीता भारती' का विमोचन किया
सारांश
Key Takeaways
- सीएम मोहन यादव का विमोचन कार्यक्रम
- लेखक मुस्तफा आरिफ का सांस्कृतिक उद्देश्य
- भगवद गीता की शिक्षाओं का महत्व
- हिंदी मुक्तक शैली में प्रस्तुत किए गए श्लोक
- धार्मिक एकता और समझ को बढ़ावा
भोपाल, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन के प्रसिद्ध मुस्लिम लेखक मुस्तफा आरिफ द्वारा लिखी गई पुस्तक गीता भारती का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने भोपाल में अपने निवास पर इस पुस्तक का अनावरण करने के बाद लेखक की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास विभिन्न समुदायों के बीच सामाजिक एकता और आपसी समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि भगवद गीता की शिक्षाएं सार्वभौमिक हैं और धार्मिक सीमाओं से परे हैं।
सीएम ने आगे बताया कि जब किसी अन्य धर्म का लेखक इस पवित्र ग्रंथ को श्रद्धा और समझ के साथ प्रस्तुत करता है, तो यह एकता और साझा विरासत का एक सशक्त संदेश देता है।
इस पुस्तक में भगवद गीता के श्लोकों को एक अद्वितीय साहित्यिक रूप में प्रस्तुत किया गया है। जहां मूल संस्कृत श्लोकों को हिंदी के काव्यात्मक 'मुक्तक' शैली में समझाया गया है, जिससे ये सामान्य पाठकों के लिए अधिक सुलभ हो जाते हैं।
लेखक मुस्तफा आरिफ ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि गीता भारती लिखने की प्रेरणा उनका उद्देश्य सांस्कृतिक दूरी को कम करना और गीता की दार्शनिक शिक्षाओं को आम लोगों तक पहुंचाना था। उन्होंने यह भी कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान संपूर्ण मानवता का है और इसे किसी एक धर्म तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
आरिफ ने बताया कि भगवद गीता के 700 संस्कृत श्लोकों पर आधारित 786 हिंदी मुक्तक इस पुस्तक में शामिल किए गए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि पवित्र कुरान की 6,666 आयतों पर आधारित 10,000 हिंदी श्लोक लिखने के बाद, उन्हें 'कर्म' की फिलॉसफी पर आधारित धार्मिक ग्रंथों की ओर जाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भगवद गीता में 'कर्म' की फिलॉसफी ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। आरिफ ने यह भी कहा कि हिंदू और इस्लामी धर्मग्रंथों में कई समानताएं हैं, दोनों ही ईश्वरीय प्रेरणा पर जोर देते हैं।