आरपी सिंह ने एसआईआर को बताया मतदान वृद्धि का कारण
सारांश
Key Takeaways
- एसआईआर के कारण मतदान प्रतिशत में वृद्धि हुई।
- चुनाव आयोग ने कोई हिंसा की घटना नहीं होने दी।
- महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की बात की गई।
- भवानीपुर में भाजपा जीतने की उम्मीद कर रही है।
- टीएमसी सरकार पर गंभीर आरोप लगे।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के दो राज्यों असम और केरल तथा एक केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में आज मतदान की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता आरपी सिंह ने भाजपा की जीत का आत्मविश्वास व्यक्त किया।
भाजपा के प्रवक्ता आरपी सिंह ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि तीनों स्थानों पर रिकॉर्ड मतदान देखा गया। उन्होंने कहा, "अधिक मतदान एसआईआर का परिणाम है। जो नकली मतदाता, मृतक या स्थानांतरित लोग थे, उनके नाम वोटर सूची से हटा दिए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप मतदान प्रतिशत में वृद्धि स्वाभाविक है। हमारे लोकतंत्र में अधिक वोट डालना एक अच्छा संकेत है।"
उन्होंने चुनाव दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा की घटना न होने की सराहना की और कहा, "यह चुनाव आयोग की सफलता है कि कहीं से भी हिंसा की कोई सूचना नहीं आई। आयोग ने यह भी आश्वासन दिया है कि पश्चिम बंगाल में भी हिंसा नहीं होने दी जाएगी। अब बंगाल में भी भयमुक्त चुनाव होंगे।"
महिलाओं की भागीदारी पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने हमेशा महिलाओं के योगदान पर जोर दिया है। हमारे देश में तीन करोड़ से अधिक बहनों और बेटियों को लखपति दीदी बनाया गया है। वह महिलाओं के हितों के प्रति संवेदनशील हैं। इस बार भवानीपुर में हम जीतने जा रहे हैं और सुवेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को हराने में सफल रहेंगे, जैसे कि हमने नंदीग्राम में किया था।"
उन्होंने कहा, "महिला सुरक्षा और घुसपैठियों को बेदखल करना हमारी प्राथमिकता है। ममता सरकार के कार्यकाल में महिलाओं के खिलाफ कई दुर्व्यवहार और दुष्कर्म की घटनाएं हुईं। ममता सरकार ने उन आरोपियों को संरक्षण दिया जिन्होंने ये अपराध किए।"
टीएमसी सरकार द्वारा एसआईआर के विरोध पर उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी को इस बार समस्या हो रही है क्योंकि पहले वह फर्जी वोटर्स के सहारे चुनाव जीतती थीं, जो अब मौजूद नहीं हैं।"