क्या मोकामा मामले में राजीव रंजन ने ललन सिंह का समर्थन किया? वीडियो में किया गया बदलाव?

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क्या मोकामा मामले में राजीव रंजन ने ललन सिंह का समर्थन किया? वीडियो में किया गया बदलाव?

सारांश

मोकामा में ललन सिंह की विवादास्पद टिप्पणी को लेकर जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन का समर्थन सामने आया है। उन्होंने वीडियो में छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। जानिए इस राजनीतिक विवाद के पीछे की पूरी कहानी और क्या है इसके संभावित परिणाम।

मुख्य बातें

ललन सिंह की टिप्पणी ने मोकामा में विवाद उत्पन्न किया।
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने वीडियो के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया।
चुनाव आयोग ने ललन सिंह के खिलाफ कार्रवाई की है।
राहुल गांधी की सेना पर टिप्पणी ने राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया।
बिहार में कानून का शासन برقرار है।

पटना, 5 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से पहले, मोकामा में केंद्रीय मंत्री और जदयू के प्रमुख नेता ललन सिंह की टिप्पणी ने एक नया विवाद उत्पन्न कर दिया है। इस विषय पर जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने ललन सिंह का समर्थन करते हुए कहा कि वीडियो में छेड़छाड़ की गई है।

राजीव रंजन ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए कहा, "ऐसे बयान ललन सिंह कभी नहीं दे सकते। यह एक छेड़छाड़ किया हुआ वीडियो है। ललन सिंह का सार्वजनिक जीवन लगभग 40-45 वर्षों का है और उन्होंने कभी भी इस तरह के अनावश्यक बयान नहीं दिए।"

उन्होंने आगे कहा कि हमारी मांग है कि यह वीडियो गलत है और इसकी सही जानकारी के लिए जांच आवश्यक है। विपक्ष इस तरह के काम कर रहा है क्योंकि वे परेशान हैं। बिहार में कानून का शासन है, ललन सिंह पर एफआईआर हुई है, और वे इसका जवाब देंगे।

मोकामा में दिए गए भाषण के कारण राजनीतिक हलचल के बीच चुनाव आयोग ने कार्रवाई की। ललन सिंह को पहले नोटिस दिया गया और अब उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय जनता दल ने इस मामले में शिकायत की थी। इस वीडियो को आरजेडी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी साझा किया था, जिसमें ललन सिंह कार्यकर्ताओं से कहते दिखाई दे रहे हैं कि अगर विपक्षी नेता गरीब मतदाताओं को धमकाते हैं तो उन्हें बंद कर दें और मतदान केंद्र तक ले जाकर वापस घर में रखें।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भारतीय सेना पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया में, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "अब तो उन्होंने हमारी सेना के मनोबल पर भी सवाल उठा दिए हैं। कम से कम उन्हें सेना का सम्मान करना चाहिए था। हमारे जवानों ने सराहनीय कार्य किया है। जब भी कोई सेना के बारे में अनुचित बयान देता है, तो जनता का आक्रोश भड़कना स्वाभाविक है।"

बिहार के औरंगाबाद जिले के कटुंबा में एक जनसभा में राहुल गांधी ने कहा था कि देश की सेना और बड़े संस्थान केवल 10 प्रतिशत आबादी के नियंत्रण में हैं, जबकि बाकी 90 प्रतिशत लोग—दलित, पिछड़े, अत्यंत पिछड़े, और अल्पसंख्यक समुदाय कहीं भी प्रतिनिधित्व नहीं पाते।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीति में ऐसे विवादों का होना अनिवार्य है। ललन सिंह का बयान और उस पर उठे सवाल, यह दर्शाते हैं कि चुनावी माहौल कितना उथल-पुथल भरा हो सकता है। महत्वपूर्ण है कि सभी पक्ष अपनी बात सही तरीके से रखें और चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोकामा मामले में क्या हुआ?
मोकामा में ललन सिंह की टिप्पणी पर विवाद उठा है, जिस पर जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने वीडियो में छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
ललन सिंह ने क्या कहा था?
ललन सिंह ने चुनावी सभा में विपक्षी नेताओं के खिलाफ टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद उत्पन्न हुआ।
राजीव रंजन का इस मामले पर क्या कहना है?
राजीव रंजन ने कहा कि यह वीडियो छेड़छाड़ किया गया है और उन्होंने ललन सिंह का समर्थन किया।
क्या चुनाव आयोग ने कार्रवाई की?
हां, चुनाव आयोग ने ललन सिंह को नोटिस जारी किया और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया।
राहुल गांधी का इस मामले में क्या कहना है?
राहुल गांधी ने भारतीय सेना पर टिप्पणी की थी, जिससे राजनीतिक विवाद और बढ़ गया।
राष्ट्र प्रेस