क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पैतृक गांव का दौरा किया और पिता कविराज रामलखन सिंह की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी?
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री ने अपने पिता की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी।
- स्थानीय समस्याओं का समाधान सुनने का आश्वासन दिया।
- परिवार और समाज के प्रति संवेदनशीलता दर्शाई।
पटना, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को अपने पिता और स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय कविराज रामलखन सिंह की पुण्यतिथि पर अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा का दौरा किया। यहां उन्होंने कविराज रामलखन सिंह स्मृति वाटिका में जाकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी माता परमेश्वरी देवी और पत्नी मंजू सिन्हा की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उनके बड़े भाई सतीश कुमार समेत परिवार के अन्य सदस्यों और निकट संबंधियों ने भी कविराज रामलखन सिंह, परमेश्वरी देवी और मंजू सिन्हा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस दौरान सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक कृष्णा मुरारी शरण, विधायक जितेंद्र कुमार, विधायक कौशल किशोर, विधायक रूहेल रंजन, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, विधान पार्षद ललन सर्राफ और जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा भी उपस्थित रहे। कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी कविराज रामलखन सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा के भगवती मंदिर (देवी स्थान) में पूजा अर्चना की और राज्य के विकास के लिए कामना की। उन्होंने अपने पैतृक घर के निकट स्थित तालाब में मछलियों को दाना भी डाला। नीतीश कुमार ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना।
इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याएं जल्द हल होंगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हर वर्ष अपने पिता और माता की पुण्यतिथि पर कल्याण बिगहा पहुंचते हैं और इस दौरान स्थानीय लोगों से मिलते हैं।