CM योगी आदित्यनाथ ने दीपावली पर अयोध्या में साधु-संतों को दिए उपहार, 10वें दीपोत्सव में राजतिलक
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 नवम्बर 2026 को दीपावली के अवसर पर अयोध्या में विभिन्न अखाड़ों और मठों का दौरा किया, संतों से भेंट की और उन्हें उपहार प्रदान किए। गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में उनकी धार्मिक पहचान को देखते हुए यह भेंट-मुलाकात परंपरागत एवं प्रतीकात्मक दोनों दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री के दौरे का क्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सर्वप्रथम हनुमानगढ़ी पहुँचे, जहाँ उन्होंने बजरंगबली का आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात वे राम मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने रामलला के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री दिगंबर अखाड़े गए, जहाँ उनकी महंत सुरेश दास और संत राम लखन दास से मुलाकात हुई। इस अवसर पर प्रदेश और समाज से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई बताई जा रही है।
प्रमुख संतों से भेंट
मुख्यमंत्री बड़ा भक्त महल भी पहुँचे, जहाँ उन्होंने महंत कौशल किशोर दास जी महाराज से मिलकर उनका हालचाल जाना और दीपावली पर उपहार अर्पित किए।
इसके बाद वे मणिराम दास छावनी पहुँचे, जहाँ राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी से भेंट की। मुख्यमंत्री ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और दीर्घायु होने की कामना करते हुए दीपावली का उपहार प्रदान किया।
10वाँ दीपोत्सव: राजतिलक और पुष्पवर्षा
इस वर्ष अयोध्या में 10वाँ दीपोत्सव आयोजित हुआ, जो नगरी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है। इस उत्सव में मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूपों का प्रतीकात्मक राजतिलक किया और पुष्पवर्षा की।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से अयोध्या का दीपोत्सव क्रमशः बड़े उत्सव का रूप लेता गया है। यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक पटल पर भी उत्तर प्रदेश की पहचान से जुड़ा है।
आगे क्या
दीपोत्सव की यह परंपरा हर वर्ष विस्तार पाती जा रही है। इस वर्ष के 10वें संस्करण के साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या को एक बार फिर राष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया है। आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और भव्य स्वरूप देने की योजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है।