क्या मुंबई सपा ने अखिलेश यादव को पत्र लिखकर विधायक रईस कासम शेख पर गंभीर आरोप लगाए?

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क्या मुंबई सपा ने अखिलेश यादव को पत्र लिखकर विधायक रईस कासम शेख पर गंभीर आरोप लगाए?

सारांश

भिवंडी से विधायक रईस कासम शेख ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या यह बगावत पार्टी के लिए संकट का कारण बनेगी?

Key Takeaways

  • रईस कासम शेख ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत की है।
  • उन्होंने अखिलेश यादव को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
  • भिवंडी क्षेत्र में पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में असहयोग का आरोप है।
  • महानगर पालिका चुनाव में भी उनका रुख संदिग्ध रहा है।

मुंबई, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भिवंडी से समाजवादी पार्टी के विधायक रईस कासम शेख ने महाराष्ट्र पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत की है। उन्होंने पार्टी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाने का आरोप लगाया है और अखिलेश यादव को पत्र लिखकर राज्य में पार्टी के अस्तित्व को सुरक्षित रखने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है। अब इस मुंबई सपा की तरफ से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें रईस शेख पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

समाजवादी पार्टी की मुंबई इकाई की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि 2019 में जब रईस कासम शेख पहली बार सपा के विधायक बने, उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के संगठन की जिम्मेदारी की मांग प्रदेश अध्यक्ष से की, लेकिन इसे ठुकरा दिया गया। वरिष्ठ नेताओं के कहने पर उनके विधानसभा क्षेत्र भिवंडी पूर्व के संगठन की पूरी जिम्मेदारी उन्हें दे दी गई।

जैसे ही संगठन की जिम्मेदारी मिली, विधायक ने सभी पुराने कार्यकर्ताओं को न केवल दरकिनार किया बल्कि भिवंडी पश्चिम के संगठनात्मक कार्यों में भी असहयोग किया। 2024 में पार्टी ने रईस कासम शेख को एक और अवसर दिया और वे दोबारा समाजवादी पार्टी के विधायक बने।

जब वे दूसरी बार विधायक बने, तो उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के संगठन के साथ-साथ निकट भविष्य में होने वाले महानगर पालिका चुनाव के लिए नगरसेवकों के टिकट वितरण की जिम्मेदारी मांगना शुरू कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए आगामी महानगर पालिका चुनाव के लिए समन्वय समिति का गठन किया और पार्टीहित में निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने की जिम्मेदारी सौंपी।

पत्र में कहा गया कि समन्वय समिति के गठन के बाद विधायक ने समिति की सभी बैठकों में हिस्सा लिया। प्रत्याशियों के चयन में उनका सक्रिय योगदान रहा। महानगर पालिका चुनाव में पर्चा दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर 2025 से पहले, 28 दिसंबर की शाम को विधायक का रुख अचानक बदल गया और उन्होंने पार्टी के संभावित प्रत्याशियों से सपा का टिकट (फार्म ए-बी) लेकर उसे नष्ट किया और कांग्रेस/एनसीपी के साथ षड्यंत्र रचने लगे।

उन्होंने सपा के कई मजबूत प्रत्याशियों को कांग्रेस/एनसीपी से उम्मीदवारी दिलवाने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार किया। मुंबई महानगरपालिका के जिन वार्डों से पहले रईस कासम शेख नगरसेवक रहे, उनमें वार्ड क्रमांक 136 से एमआईएम और वार्ड क्रमांक 211 से अपने प्रत्याशी को कांग्रेस का टिकट दिलवाकर पार्टी के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि महानगर पालिका चुनाव को निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए प्रदेश अध्यक्ष द्वारा गठित समन्वय समिति के साथ प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें स्वतंत्र रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया गया और प्रदेश अध्यक्ष या अन्य किसी पदाधिकारी का कोई दबाव नहीं था। यह पत्र सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लिखा गया है और उन्हें इस स्थिति से अवगत कराया गया है।

Point of View

NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

रईस कासम शेख के आरोप क्या हैं?
रईस कासम शेख ने पार्टी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाने का आरोप लगाया है।
अखिलेश यादव ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
अखिलेश यादव को इस मामले की जानकारी दी गई है, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
क्या इस बगावत का पार्टी पर प्रभाव पड़ेगा?
यह बगावत पार्टी की संगठनात्मक एकता को कमजोर कर सकती है और आगामी चुनावों में चुनौती पैदा कर सकती है।
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