क्या मुजफ्फरपुर में ई-केवाईसी में लापरवाही पर जिलाधिकारी सख्त हैं? पहले दिन 5650 किसानों का निबंधन

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क्या मुजफ्फरपुर में ई-केवाईसी में लापरवाही पर जिलाधिकारी सख्त हैं? पहले दिन 5650 किसानों का निबंधन

सारांश

क्या मुजफ्फरपुर में ई-केवाईसी को लेकर जिलाधिकारी की सख्ती किसानों के हित में है? जानें इस अभियान की सच्चाई और किसानों के निबंधन की प्रक्रिया।

Key Takeaways

  • किसान निबंधन और ई-केवाईसी को प्राथमिकता दी जा रही है।
  • जिलाधिकारी द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
  • 5650 किसानों का पहले दिन निबंधन किया गया।
  • किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास।
  • लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुजफ्फरपुर, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। किसानों के हित में किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी को बेहद आवश्यक मानते हुए जिलाधिकारी ने इसे उच्च प्राथमिकता दी है। सरकारी योजनाओं से किसानों को जोड़ने, उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और लाभ वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिले में दो दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान के तहत जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी के साथ कार्य की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने उल्लेख किया कि किसान निबंधन और ई-केवाईसी सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, फसल सहायता योजना, कृषि यंत्रीकरण अनुदान, बीज और उर्वरक सब्सिडी सहित कई लाभ सीधे मिलते हैं। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विशेष अभियान के पहले दिन जिले में कुल 5650 किसानों का निबंधन किया गया। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि की समीक्षा करते हुए कहा कि यह एक संतोषजनक शुरुआत है, लेकिन लक्ष्य प्राप्ति के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को और अधिक सक्रियता और समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत, गांव और टोले तक पहुंचकर पात्र किसानों का निबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन करने वाले कृषि समन्वयक और किसान सलाहकारों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने लो परफॉर्मिंग कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकारों का वेतन स्थगित करने तथा उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी पूछा गया कि सरकारी कार्य के प्रति उदासीनता और लापरवाही को देखते हुए उन्हें सेवामुक्त क्यों न किया जाए।

जिले में कुल 135 कृषि समन्वयक एवं 280 किसान सलाहकार कार्यरत हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी की जवाबदेही तय की जाएगी और केवल वही कर्मी कार्यरत रहेंगे जो अपने दायित्वों का ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे।

खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलाधिकारी मरवन, साहेबगंज एवं मुरौल से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश अपर समाहर्ता (राजस्व) को दिया गया। न्यून प्रदर्शन करने वाले सभी अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया कि वे पूरी गंभीरता से कार्य पर ध्यान दें और निर्धारित लक्ष्य को समय पर प्राप्त करें।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि कार्य में लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अंचलाधिकारी बंदरा को भी आज के न्यून प्रदर्शन के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए सुधार लाने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों द्वारा अपने-अपने प्रखंडों में भ्रमण किया गया। उन्होंने मौके पर जाकर किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी की स्थिति का जायजा लिया तथा किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना। इसके बाद सभी वरीय पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को रिपोर्ट समर्पित की, जिसके आधार पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कल पुनः सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी अपने-अपने प्रखंडों में जाएंगे और अभियान को और तेज गति देंगे, ताकि अधिक से अधिक किसानों का निबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

जिलाधिकारी ने बताया कि 9 जनवरी को विशेष अभियान की समाप्ति के उपरांत सभी वरीय पदाधिकारी अपनी-अपनी रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को समर्पित करेंगे। इसके आधार पर उसी दिन अपराह्न 5 बजे अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस अभियान में 70 प्रतिशत से कम उपलब्धि प्राप्त करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य कार्य संस्कृति में सुधार लाना और किसानों को समय पर लाभ दिलाना है।

Point of View

NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

किसान निबंधन और ई-केवाईसी का महत्व क्या है?
किसान निबंधन और ई-केवाईसी किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने में मदद करता है।
इस अभियान का उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और लाभ वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना है।
किसान निबंधन में लापरवाही पर क्या कार्रवाई होगी?
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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