नाहन की महिलाएं केंद्र सरकार की योजनाओं से बनीं आत्मनिर्भर: सशक्तिकरण का नया युग
सारांश
Key Takeaways
- स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं।
- केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
- महिलाएं पापड़, नमकीन, चटनी, आदि उत्पाद तैयार कर रही हैं।
- सस्ते ब्याज पर ऋण प्राप्त कर रही हैं।
- महिलाओं ने अपने व्यवसाय शुरू किए हैं।
नाहन, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। मोदी सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ इन समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्राप्त हो रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे आर्थिक रूप से मजबूत हो गई हैं।
हिमाचल प्रदेश के नाहन की महिलाएं भी सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हो रही हैं। अब वे अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। अलग-अलग स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से वे अपने पैरों पर खड़ी हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अन्य योजनाएं शामिल हैं, जिनका लाभ लेकर महिलाएं अपना रोजगार आरंभ कर चुकी हैं।
आज महिलाएं पापड़, नमकीन, चटनी, अचार और घर पर निर्मित अन्य उत्पाद बनाकर बाजार में विक्रय कर रही हैं, जिनकी मांग भी अच्छी है और उन्हें अच्छे दाम मिल रहे हैं।
स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इतनी आत्मनिर्भर हो गई हैं कि समूह द्वारा एकत्रित धनराशि का उपयोग अपनी ही महिलाओं को सस्ते ब्याज पर ऋण देने के लिए किया जा रहा है, ताकि वे अलग से रोजगार आरंभ कर सकें।
एमसी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुमन ने कहा कि बहुत सी महिलाएं आत्मनिर्भर हो गई हैं। हम टोकरी, छोटे ड्रेस, जैकेट, महिलाओं के उत्पाद, नमकीन आदि बनाते हैं। हमें सरकार की कई योजनाओं का लाभ मिल रहा है और हमारे समूह की महिलाएं अपने व्यवसाय भी शुरू कर चुकी हैं।
दिशा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्षा प्रोमिला ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई योजनाओं का कई महिलाएं लाभ उठा रही हैं। कोई आचार बनाने का काम कर रही है, कोई नमकीन बना रही है, तो कोई पापड़ बना रही है। इस प्रकार महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं।