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क्या नैनीताल में नयना देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा?

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क्या नैनीताल में नयना देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा?

सारांश

नैनीताल में नयना देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। नवरात्रि के पहले दिन भक्तों की आस्था की बानगी देखने को मिली। इस अद्भुत दृश्य ने सभी का ध्यान खींचा है।

मुख्य बातें

नवरात्रि के दौरान मां नयना देवी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है।
यहां पर भक्तों को नेत्र संबंधी समस्याओं का समाधान मिलता है।
मंदिर का इतिहास और मान्यता भक्तों को खींचती है।
नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा-अर्चना होती है।

नैनीताल, 22 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन नैनीताल के मां नयना देवी मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सोमवार तड़के से ही यहां श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया और शाम तक बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन के लिए पहुंचते रहे।

इस दौरान भक्तों ने मां के जयकारे लगाए। मंदिर परिसर को सुंदरता से सजाया गया है।

मां नयना देवी मंदिर के पुजारी पंडित गणेश जोशी ने बताया कि नवरात्रि के मौके पर सुबह 4 बजे से ही भक्तों की भीड़ बढ़ रही है। भक्त पूजा-अर्चना के बाद मां का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

सामान्य दिनों में भी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है, लेकिन नवरात्रि के दिनों में यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। मंदिर परिसर में सप्तमी से दुर्गा पूजा महोत्सव का शुभारंभ होगा और दशमी के दिन भव्य दुर्गा मां के डोले का नगर भ्रमण किया जाएगा।

गौरतलब है कि मां नयना देवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। मान्यता है कि यहां माता सती का बाया नेत्र गिरा था, इसलिए इसे शक्तिपीठ कहा जाता है। यही कारण है कि यहां बड़ी संख्या में लोग मां के दर्शन के लिए आते हैं।

यहां तक कि जिन श्रद्धालुओं को नेत्र संबंधी समस्याएं होती हैं, वे विशेष रूप से मां नयना देवी के दर्शन के लिए आते हैं और उनकी परेशानियों का समाधान होता है। कहा जाता है कि यहां से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता।

हल्द्वानी से आए श्रद्धालु अभिषेक राज पांडे ने बताया कि मां नयना देवी के प्रति उनकी गहरी आस्था है। नवरात्रि के पहले दिन ही वे मां के दर्शन के लिए नैनीताल पहुंचे हैं। उन्होंने मां से एक मन्नत मांगी थी, जो पूरी हो चुकी है, इसलिए उनकी श्रद्धा और विश्वास मां के प्रति और अधिक बढ़ गया है।

स्थानीय निवासी परुनीता साह ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन मां नयना देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। दूर-दूर से भक्त मां के दर्शन करने पहुंचे हैं। उनका कहना है कि माता रानी की अपार कृपा भक्तों पर बनी हुई है और वे कामना करती हैं कि मां नयना देवी का आशीर्वाद सभी पर सदैव बना रहे।

स्थानीय निवासी सीमा सेठ ने बताया कि पंजाबी लोगों की भी माता नयना देवी के प्रति गहरी श्रद्धा है। मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे खुलते ही बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मां नयना देवी मंदिर की मान्यता है, जहां श्रद्धालु दूध और फल, प्रसाद अर्पित कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे हमारी सांस्कृतिक धरोहर आज भी लोगों को जोड़ने का काम कर रही है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मां नयना देवी मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहां माता सती का बाया नेत्र गिरा था।
क्या यहां पर नेत्र संबंधी समस्याओं का समाधान होता है?
हाँ, भक्तों का मानना है कि यहां दर्शन करने से उनकी आंखों की समस्याएं दूर होती हैं।
नवरात्रि में भक्तों की संख्या कितनी बढ़ जाती है?
नवरात्रि के दिनों में भक्तों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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