नारी शक्ति वंदन अधिनियम: माताओं और बहनों के सम्मान का ऐतिहासिक संकल्प - रेखा गुप्ता
सारांश
Key Takeaways
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने महिलाओं को नीति निर्माण में निर्णायक भूमिका दी है।
- यह अधिनियम माताओं और बहनों के सम्मान का प्रतीक है।
- मुख्यमंत्री ने सख्त निगरानी की बात की है।
- सभी संबंधित संस्थाएँ विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगी।
- महिलाओं को आत्मविश्वास देने का यह एक राष्ट्रीय संकल्प है।
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को छतरपुर में आत्मनिर्भर नारी सम्मेलन में शामिल होकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर अपने विचार रखे।
सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आजादी के दशकों बाद यह एक ऐतिहासिक पल है, जब देश ने नारी शक्ति को केवल सम्मान नहीं दिया, बल्कि उसे निर्णय और नेतृत्व के केंद्र में स्थापित करने का संकल्प लिया है। यह अधिनियम महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि नीति निर्माण से लेकर राष्ट्र निर्माण तक में निर्णायक भूमिका प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की करोड़ों माताओं और बहनों के सम्मान, अधिकार और आत्मविश्वास का सशक्त उद्घोष है। यह केवल एक कानून नहीं है, बल्कि 'नारी तू नारायणी' के भाव को साकार करने का राष्ट्रीय संकल्प है। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए हर महिला की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आभार।
इस अवसर पर सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, विधायक करतार सिंह तंवर, जिलाध्यक्ष रविंद्र सोलंकी, एकल हरि संस्था की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मधु गुप्ता, फोर्टिस वसंत कुंज की निदेशक डॉ. प्रियंका खरबंदा और प्रसिद्ध लेखिका सुरभि सहित कई सम्मानित अतिथि और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सीएम रेखा गुप्ता ने इसके पूर्व बताया कि शराब की बिक्री से संबंधित सरकारी उपक्रमों के पिछले 5 वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड का क्रॉस-वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। हाल ही में पता चला है कि कुछ स्थानों पर लंबे समय तक खातों का सही मिलान नहीं हुआ, जिससे गड़बड़ी और सरकारी खजाने को संभावित नुकसान की स्थिति बनी।
उन्होंने कहा कि इसे सुधारने के लिए अब खातों की सख्त निगरानी होगी, हर रिकॉर्ड का सही से मिलान किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया में वेरिफिकेशन और वैलिडेशन सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता या राजस्व को नुकसान पहुंचाने की बात सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी संबंधित संस्थाओं और आबकारी विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे इस पूरी प्रक्रिया की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आदेश जारी होने की तारीख से 2 महीने के भीतर वित्त विभाग को अनिवार्य रूप से सौंपें।