20 अक्टूबर 2026
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परिसीमन विधेयक दक्षिण भारत की आवाज़ को कुचलने की साज़िश: NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी

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परिसीमन विधेयक दक्षिण भारत की आवाज़ को कुचलने की साज़िश: NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी

सारांश

NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने परिसीमन विधेयक को दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों की संसदीय ताक़त घटाने की 'साज़िश' बताया और किरेन रिजिजू को चेताया कि इतिहास माफ़ नहीं करेगा। साथ ही मुंबई में बढ़ते अपराध, ओवैसी की राजनीति और 2029 में सत्ता परिवर्तन की ज़रूरत पर भी बेबाक बयान दिए।

मुख्य बातें

NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में परिसीमन विधेयक को दक्षिण भारत की राजनीतिक आवाज़ दबाने की साज़िश बताया।
सिद्दीकी के अनुसार परिसीमन से आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु की संसदीय सीटें आधी हो सकती हैं, जबकि उत्तर भारत की सीटें बढ़ सकती हैं।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को चेताया कि साज़िशकर्ताओं का साथ देने पर 'इतिहास माफ़ नहीं करेगा।' AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को 'राजनीतिक ज़हर' बताते हुए उन पर BJP को अप्रत्यक्ष लाभ पहुँचाने का आरोप लगाया।
महाराष्ट्र में अपराध का स्तर उत्तर प्रदेश और बिहार से अधिक होने का दावा करते हुए सरकार पर निशाना साधा।
2029 में सत्ता परिवर्तन को लोकतांत्रिक आवश्यकता बताया और कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में समझदार सीट-बँटवारे की सलाह दी।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी NCP-SP के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था, प्रस्तावित परिसीमन विधेयक और राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य पर तीखे बयान दिए। उन्होंने परिसीमन विधेयक को दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों की संसदीय प्रतिनिधित्व क्षमता को कमज़ोर करने की कोशिश बताया। उनके बयान ने एक साथ कई राजनीतिक विषयों को छुआ — मुंबई में गैंगवार से लेकर 2029 में सत्ता परिवर्तन की ज़रूरत तक।

मुंबई में कानून-व्यवस्था: 'गुंडों का राज'

सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में अपराध का स्तर अब उत्तर प्रदेश और बिहार से भी अधिक हो गया है और राज्य में 'गुंडों का राज' चल रहा है। उन्होंने कहा कि मुंबई के पुराने गैंगवार के युग के बाद अब एक नया गिरोह उभर आया है। उनके अनुसार, कथित तौर पर यह माहौल सरकारी संरक्षण के बिना संभव नहीं है, और चर्चा है कि इसके पीछे केंद्र सरकार की भी किसी न किसी रूप में भूमिका है।

परिसीमन विधेयक पर सबसे तीखा हमला

सिद्दीकी ने परिसीमन विधेयक को सबसे गंभीर राजनीतिक मुद्दा बताया। उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक के लागू होने पर आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों की संसदीय सीटें आधी हो सकती हैं, जबकि उत्तर भारत की सीटें बढ़ाई जा सकती हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से अपील की कि वे इस विषय पर विचार करें और कथित साज़िशकर्ताओं का साथ न दें। सिद्दीकी ने चेताया, 'इतिहास उन्हें माफ़ नहीं करेगा।' यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिणी राज्यों की पार्टियाँ पहले से ही परिसीमन प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियाँ दर्ज करा रही हैं।

ओवैसी और अखिलेश यादव पर स्पष्ट रुख

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को सिद्दीकी ने राजनीति का 'ज़हर' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी मुस्लिम समुदाय की भावनाओं का दोहन कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक लाभ पहुँचाते हैं। उन्होंने कहा कि ओवैसी का प्रभाव मुख्यतः हैदराबाद तक सीमित है और उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात को उन्होंने पुराने राजनीतिक सहयोग का स्वाभाविक निरंतरता बताया। उनका तर्क था कि मुलायम सिंह यादव के दौर से आजम खान का समाजवादी पार्टी से गहरा जुड़ाव रहा है, इसलिए इस मुलाकात को सांप्रदायिक नज़रिये से देखना उचित नहीं।

भागवत के बयान और राष्ट्रीय आंदोलनों पर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर सिद्दीकी ने नाराज़गी जताते हुए उसे निंदनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के आंदोलन को आतंकवाद और सिखों के आंदोलन को विदेशी प्रभाव से जोड़ना भारत की गांधीवादी परंपरा के विरुद्ध है। उनका मानना है कि सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए विरोध प्रदर्शनों में 'विदेशी हाथ' का आरोप लगाती है। उन्होंने सरकार से युवाओं से संवाद की अपील की, और आगाह किया कि समय रहते बातचीत न हो तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

उत्तर प्रदेश रणनीति और 2029 सत्ता परिवर्तन

उत्तर प्रदेश की राजनीति पर सिद्दीकी ने कांग्रेस को आगामी चुनावों में सीट-बँटवारे के मामले में व्यावहारिक रुख अपनाने की सलाह दी। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की राजनीतिक ज़मीन अधिक मज़बूत है, और यदि कांग्रेस ज़रूरत से ज़्यादा सीटों पर उम्मीदवार उतारती है तो BJP को अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। उन्होंने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं का ज़िक्र करते हुए कांग्रेस को समझदार रणनीति की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। सिद्दीकी ने 2029 में सत्ता परिवर्तन को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार, महँगाई और बेरोज़गारी पर नियंत्रण न कर पाने वाली सरकार को बदलने की माँग पूरी तरह स्वाभाविक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 2029 से पहले INDIA गठबंधन में सीट-बँटवारे की जटिलता को देखते हुए, सिद्दीकी का कांग्रेस को 'व्यावहारिक बनो' की सलाह देना यह भी संकेत देता है कि गठबंधन में आंतरिक तनाव अभी सुलझा नहीं है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परिसीमन विधेयक को लेकर नसीम सिद्दीकी ने क्या कहा?
NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने कहा कि परिसीमन विधेयक लागू होने पर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों की संसदीय सीटें आधी हो सकती हैं जबकि उत्तर भारत की सीटें बढ़ सकती हैं। उन्होंने इसे दिल्ली में दक्षिणी राज्यों की आवाज़ कमज़ोर करने की साज़िश बताया।
सिद्दीकी ने असदुद्दीन ओवैसी की आलोचना क्यों की?
सिद्दीकी ने ओवैसी को राजनीति का 'ज़हर' बताते हुए आरोप लगाया कि वे मुस्लिम समुदाय की भावनाओं का इस्तेमाल कर BJP को अप्रत्यक्ष राजनीतिक लाभ पहुँचाते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुसलमानों से सोच-समझकर निर्णय लेने की अपील की।
अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात पर NCP-SP का क्या कहना है?
सिद्दीकी ने इस मुलाकात का समर्थन किया और कहा कि आजम खान मुलायम सिंह यादव के दौर से समाजवादी पार्टी के पुराने सहयोगी रहे हैं। इसलिए इस मुलाकात को धार्मिक नज़रिये से देखना उचित नहीं है।
मुंबई की कानून-व्यवस्था पर सिद्दीकी ने क्या आरोप लगाए?
सिद्दीकी ने दावा किया कि अपराध के मामले में महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश और बिहार से भी आगे निकल गया है और राज्य में 'गुंडों का राज' चल रहा है। उन्होंने कथित तौर पर केंद्र सरकार के इस स्थिति में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संरक्षण का आरोप भी लगाया।
सिद्दीकी ने 2029 के चुनावों को लेकर क्या कहा?
सिद्दीकी ने 2029 में सत्ता परिवर्तन को लोकतांत्रिक आवश्यकता बताया और कहा कि भ्रष्टाचार, महँगाई और बेरोज़गारी पर काबू न पाने वाली सरकार को बदलने की माँग स्वाभाविक है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में समझदारी से सीट-बँटवारा करने की सलाह दी ताकि BJP को फ़ायदा न हो।
राष्ट्र प्रेस
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