परिसीमन पर खड़गे के विरोध पर शिवसेना का पलटवार, शायना एनसी बोलीं — देशहित को राजनीति से ऊपर रखें
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना ने 28 अगस्त 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस विरोध पर तीखा पलटवार किया, जिसमें उन्होंने नई परिसीमन व्यवस्था के लिए संविधान संशोधन विधेयक पारित करने हेतु संसद का विशेष सत्र बुलाने के संकेत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक की मांग की थी। शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मसले पर राजनीति की बजाय देशहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
परिसीमन पर शिवसेना का रुख
शायना एनसी ने कहा, 'परिसीमन (डिलिमिटेशन) पर चर्चा जरूर होनी चाहिए क्योंकि हम चाहते हैं कि नारी शक्ति वंदन बिल पास हो। अगर विपक्ष को कोई आपत्ति है, तो उन्हें आगे आकर चर्चा करनी चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से सभी के साथ बातचीत के रास्ते खुले रखे गए हैं, और विपक्ष को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। शायना एनसी ने आगे कहा, 'इसमें अपनी राजनीति न लाएं और देशहित के बारे में सोचें।'
गौरतलब है कि परिसीमन का मुद्दा दक्षिण भारतीय राज्यों और कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के लिए संवेदनशील बना हुआ है, क्योंकि नई जनसंख्या-आधारित सीट बँटवारे से उन राज्यों की संसदीय शक्ति प्रभावित हो सकती है जहाँ जनसंख्या वृद्धि दर अपेक्षाकृत कम रही है।
मराठी भाषा नीति पर शिवसेना का स्पष्टीकरण
महाराष्ट्र सरकार द्वारा ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिए जाने के फैसले पर शायना एनसी ने कहा, 'अगर कोई समय मांगता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। सभी को कुछ अतिरिक्त समय (ग्रेस पीरियड) दिया जाएगा।' हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, 'मराठी सीखना जरूरी है। अगर आप सर्विस प्रोवाइडर हैं, तो काम-काज लायक मराठी आना जरूरी है।'
नेपाल बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के नागरिक
नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ (फ्लैश फ्लड) पर शायना एनसी ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों और पर्यटकों से वीडियो कॉल पर सीधे बात की। उनके अनुसार, 114 से अधिक महाराष्ट्र के पर्यटक वहाँ फंसे हैं।
शायना एनसी ने कहा, 'हम सीधे उनसे बातचीत कर रहे हैं, साथ ही विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास भी उनसे संपर्क में हैं। हमारा एकमात्र मकसद हर नागरिक को सुरक्षित बचाना है।' उन्होंने केंद्र सरकार की हेल्पलाइन की सराहना करते हुए कहा कि यह यात्रियों को जरूरी जानकारी देने में बेहद उपयोगी साबित हुई है।
आगे क्या होगा
परिसीमन पर विशेष सत्र की संभावना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। यह देखना अहम होगा कि सरकार सर्वदलीय सहमति की दिशा में कोई ठोस कदम उठाती है या सीधे संसद में विधेयक पेश करती है। नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए राजनयिक प्रयास जारी हैं।