जिनेवा में नासिक की मेयर हिमगौरी का डंका, 80 मेयरों और 20 राजनयिकों को सिंहस्थ कुंभ का न्योता
सारांश
मुख्य बातें
नासिक की मेयर हिमगौरी आहेर-आडके ने जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय मेयर परिषद के मंच पर शहर की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण की पहलों और विकास योजनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस वैश्विक मंच पर उन्होंने लगभग 80 मेयरों, करीब 20 राजनयिकों और विभिन्न देशों के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले में सम्मिलित होने का आमंत्रण दिया। मेयर के अनुसार, कई प्रतिनिधियों ने कुंभ मेले में शामिल होने में गहरी रुचि व्यक्त की है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय संस्कृति की प्रस्तुति
हिमगौरी आहेर-आडके ने जिनेवा में भारतीय संस्कृति को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत करने के अवसर को 'अद्भुत अनुभव' बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की सांस्कृतिक परंपराओं और पर्यावरण-संबंधी पहलों को साझा करना उनके लिए गर्व का विषय रहा। मेयर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा नागपुर में हीट प्रिवेंशन और कूलिंग सस्टेनेबिलिटी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की पहल का उल्लेख किया।
उन्होंने कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन की 'उन्नत नासिक' पहल का भी ज़िक्र करते हुए बताया कि इसके अंतर्गत स्वच्छता अभियान को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले तीन महीनों में नासिक में एक लाख से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं — एक उपलब्धि जिसने विदेशी प्रतिनिधियों का ध्यान खींचा।
कुंभ मेले की तैयारियों पर अंतरराष्ट्रीय उत्सुकता
मेयर ने बताया कि विदेशी प्रतिनिधियों के लिए यह जानना विशेष रूप से दिलचस्प था कि करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए नासिक में किस प्रकार की व्यवस्थाएं की जाती हैं। प्रतिनिधियों ने भारतीय संस्कृति की विशालता और इतने बड़े धार्मिक आयोजन के प्रबंधन को लेकर गहरी जिज्ञासा प्रकट की। यह ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर के शहर स्मार्ट इवेंट मैनेजमेंट के लिए नई तकनीकों की तलाश में हैं।
हिमगौरी आहेर-आडके ने कहा कि उन्होंने सभी विदेशी प्रतिनिधियों को 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना के साथ आमंत्रित किया है — अर्थात पूरा विश्व एक परिवार है। बारह वर्षों के अंतराल पर आयोजित होने वाले इस कुंभ मेले को उन्होंने समाज और भावी पीढ़ियों के हित में विचार-मंथन के एक अनूठे अवसर के रूप में रेखांकित किया।
वैश्विक शहरों से सीखने की योजना
जिनेवा में अन्य शहरों के मेयरों के साथ हुई चर्चाओं का उल्लेख करते हुए हिमगौरी आहेर-आडके ने बताया कि कई शहरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। कुछ शहरों ने आपदा प्रबंधन में बेहतरीन मानक स्थापित किए हैं, जबकि कई स्थानों पर दिव्यांगजनों के लिए उन्नत सुविधाएं विकसित की गई हैं। इन शहरों की मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को नासिक के विकास में समाहित करने की योजना बनाई गई है।
उल्लेखनीय है कि सिंगापुर के एक शहर के साथ 'सिस्टर सिटी' संबंध स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MOU) पर विचार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, कुछ विदेशी विश्वविद्यालयों ने भी नासिक में सहयोग की इच्छा जताई है। मेयर ने जिनेवा स्कूल ऑफ डिप्लोमेसी के भारत केंद्र का भी उल्लेख किया, जिसे 12 अक्टूबर को खोला गया।
तकनीक और पर्यावरण पर बहुआयामी प्रयास
स्वच्छता अभियान और कुंभ मेले की तैयारियों के संदर्भ में मेयर ने नदी संरक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों पर हुई चर्चाओं की जानकारी दी। जर्मनी की तकनीक से जुड़े अवसरों को विश्व आर्थिक मंच में भी उठाए जाने का उन्होंने संकेत दिया। कुंभ मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए AI-आधारित समाधानों पर विशेष ध्यान देने की योजना है।
पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, तकनीकी नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग — इन चारों मोर्चों पर नासिक की यह वैश्विक पहल आगामी सिंहस्थ कुंभ को एक नई अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।