क्या नौसेना के प्रमुख का ब्राजील दौरा, दोनों देशों की समुद्री साझेदारी को नई मजबूती देगा?
सारांश
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नई दिल्ली, 15 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत और ब्राजील के बीच बढ़ती समुद्री साझेदारी को और अधिक मजबूती प्राप्त हुई है। भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने ब्राजील की आधिकारिक यात्रा की। यह यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा और रक्षा उद्योग सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
ब्राजील में अपने प्रवास के दौरान, एडमिरल त्रिपाठी ने ब्राजील के शीर्ष रक्षा और सैन्य नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय बैठकें कीं। इनमें ब्राजील के रक्षा मंत्री जोस मुसियो मोंटेइरो, ब्राजीलियाई सशस्त्र बलों के जॉइंट स्टाफ प्रमुख और ब्राजीलियाई नौसेना के कमांडर एडमिरल मार्कोस सैम्पाइओ ऑलसेन शामिल थे।
भारतीय नौसेना के अनुसार, इन बैठकों में द्विपक्षीय सहयोग, समुद्री सुरक्षा और रक्षा उद्योग में सहयोग को और आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई। एडमिरल मार्कोस सैम्पाइओ ऑलसेन के साथ हुई बातचीत अत्यंत महत्वपूर्ण रही। इस द्विपक्षीय वार्ता में दोनों नौसेनाओं के बीच ऑपरेशनल एंगेजमेंट, संयुक्त प्रशिक्षण, और हाइड्रोग्राफिक सहयोग पर बात की गई। इसके अतिरिक्त, दोनों नौसेनाओं ने सूचना साझा करने, मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया। इसके साथ ही, ब्राजील के राष्ट्रपति के मुख्य सलाहकार सेल्सो अमोरिम और रक्षा मंत्री के साथ हुई चर्चाओं में रक्षा सहयोग के समग्र दायरे की समीक्षा की गई।
यह चर्चा समुद्री सुरक्षा तंत्र और रक्षा उद्योग सहयोग पर केंद्रित थी। इसके साथ ही, दक्षिण अटलांटिक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समन्वय भी इस वार्ता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह चर्चा भारत और ब्राजील की साझा सोच को दर्शाती है, जिसमें दोनों देश स्वयं को ग्लोबल साउथ की अग्रणी आवाज मानते हैं। इस यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि भारतीय नौसेना, ब्राजीलियाई नौसेना और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के बीच एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन का हस्ताक्षर होना रहा।
यह समझौता स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों और अन्य नौसैनिक प्लेटफॉर्म्स के रखरखाव से संबंधित सूचना के आदान-प्रदान के लिए किया गया है। इससे लाइफ सायकल स्पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, प्रशिक्षण, अनुभव साझा करने और रक्षा अनुसंधान एवं विकास में सहयोग को नई गति मिलेगी।
नौसेना का कहना है कि यह कदम इंडस्ट्री-टू-इंडस्ट्री और नौसेना-से-नौसेना सहयोग को और गहराई देगा। अपनी इस यात्रा के दौरान, एडमिरल त्रिपाठी ने ब्राजीलियाई नौसेना की कई प्रमुख सुविधाओं का निरीक्षण किया, जिनमें इटागुआई नेवल कॉम्प्लेक्स और एम्फीबियस हेलीकॉप्टर कैरियर एनएएम अटलांटिको (ए140) शामिल हैं।
इसके अलावा, उन्होंने रियो डी जनेरियो स्थित ब्राजीलियाई नौसेना अकादमी में 140 मिडशिपमैन के पासिंग आउट परेड में भी भाग लिया। कुल मिलाकर, यह दौरा भारत और ब्राजील के बीच समुद्री सहयोग को और गहरा करने और साझा सुरक्षा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण है। यह यात्रा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुई है।