23 अक्टूबर 2026
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मैनपुरी में पिता ने बेटी को मारी गोली: NCW सख्त, UP के DGP से 7 दिन में रिपोर्ट तलब

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मैनपुरी में पिता ने बेटी को मारी गोली: NCW सख्त, UP के DGP से 7 दिन में रिपोर्ट तलब

सारांश

मैनपुरी में पिता ने अपनी पसंद से शादी की माँग कर रही 19 वर्षीय बेटी को कथित तौर पर सोते में सिर में गोली मारी। NCW ने स्वतः संज्ञान लेते हुए UP के DGP से सात दिनों में रिपोर्ट तलब की है। पीड़िता सैफई मेडिकल कॉलेज में गंभीर हालत में है।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 23 अक्टूबर 2026 को मैनपुरी, उत्तर प्रदेश की घटना पर स्वतः संज्ञान लिया।
कथित आरोपी पिता आसिन खान ने अपनी 19 वर्षीय बेटी शाज़िया को सोते समय सिर में गोली मारी — मीडिया रिपोर्टों के अनुसार।
पीड़िता ने परिवार की तय की गई शादी का विरोध करते हुए अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार जताया था।
NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर ने UP के DGP को BNS की धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई, फोरेंसिक साक्ष्य संरक्षण और 7 दिनों में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
पीड़िता का उपचार सैफई मेडिकल कॉलेज में जारी है; हालत गंभीर बताई जा रही है।
आयोग ने पीड़िता और उसकी माँ को सुरक्षा, कानूनी सहायता और मुआवज़ा सुनिश्चित करने की भी माँग की।

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में 19 वर्षीय शाज़िया को उसके पिता आसिन खान द्वारा कथित तौर पर सिर में गोली मारे जाने की घटना पर 23 अक्टूबर 2026 को स्वतः संज्ञान लिया है। NCW ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर सात दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पीड़िता फिलहाल सैफई मेडिकल कॉलेज में गंभीर हालत में उपचाराधीन है।

घटना का विवरण

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शाज़िया घर पर सो रही थी, तभी उसके पिता आसिन खान ने कथित तौर पर उसके सिर में गोली मार दी। बताया जा रहा है कि युवती ने परिवार द्वारा तय की जा रही शादी का विरोध करते हुए अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार जताया था। यह घटना तथाकथित 'ऑनर वायलेंस' (सम्मान के नाम पर हिंसा) की श्रेणी में मानी जा रही है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश में किसी युवती पर उसकी शादी की पसंद को लेकर घर के भीतर ही हमला हुआ हो। ऐसी घटनाओं की एक श्रृंखला राज्य में पहले भी सामने आ चुकी है, और हर बार NCW व मानवाधिकार संगठनों ने त्वरित जांच की माँग की है।

NCW का रुख और माँगें

NCW ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'किसी भी महिला की जीवनसाथी चुनने की स्वतंत्रता को हिंसा के ज़रिए दबाने का किसी को अधिकार नहीं है। सम्मान के नाम पर होने वाली हिंसा और महिलाओं को डराकर चुप कराने की कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।'

आयोग ने राज्य सरकार और पुलिस से माँग की है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाए, सभी बैलिस्टिक और फोरेंसिक साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएँ, और मामले का शीघ्र अभियोजन सुनिश्चित किया जाए।

NCW अध्यक्ष की पीड़िता के लिए अपील

NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर ने UP के DGP को लिखे पत्र में यह भी कहा कि पीड़िता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ मुहैया कराई जाएँ। उन्होंने यह भी माँग की कि पीड़िता और उसकी माँ को सुरक्षा, कानूनी सहायता और उचित मुआवज़ा प्रदान किया जाए।

रहाटकर ने एक्स पर लिखा, 'महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा, न्याय और सशक्तिकरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटल रहेगी। महिला सशक्तिकरण के इसी संकल्प के साथ हम सभी मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे।'

पीड़िता की वर्तमान स्थिति

पीड़िता शाज़िया का इलाज सैफई मेडिकल कॉलेज में चल रहा है और उसकी हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ क्या कार्रवाई की, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

NCW ने सात दिनों की समयसीमा तय की है, जिसके भीतर उत्तर प्रदेश पुलिस को एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपनी होगी। यह ऐसे समय में आया है जब देश में 'ऑनर किलिंग' और महिलाओं के विवाह-संबंधी स्वायत्तता पर हिंसा की घटनाओं के खिलाफ सख्त कानूनी हस्तक्षेप की माँग तेज़ होती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस सामाजिक संरचना का दर्पण है जिसमें महिला की वैवाहिक स्वायत्तता आज भी जानलेवा प्रतिरोध झेलती है। NCW का हस्तक्षेप ज़रूरी है, लेकिन आयोग की 'रिपोर्ट-माँगो' प्रक्रिया अक्सर ठोस अभियोजन में नहीं बदलती — यह पैटर्न बार-बार देखा गया है। असली सवाल यह है कि क्या उत्तर प्रदेश पुलिस BNS के तहत त्वरित चार्जशीट दाखिल करेगी, या यह मामला भी रिपोर्टों की फाइलों में दब जाएगा। बिना जवाबदेही के ऐसी घटनाएँ एक संदेश देती हैं कि हिंसा के ज़रिए महिलाओं की आवाज़ दबाई जा सकती है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैनपुरी में युवती को गोली मारने का मामला क्या है?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में 19 वर्षीय शाज़िया को उसके पिता आसिन खान ने कथित तौर पर सोते समय सिर में गोली मार दी। युवती ने परिवार द्वारा तय की जा रही शादी का विरोध किया था और अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार जताया था।
NCW ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 23 अक्टूबर 2026 को स्वतः संज्ञान लेते हुए UP के DGP को पत्र लिखा है। आयोग ने सात दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट, BNS की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई, फोरेंसिक साक्ष्य संरक्षण और पीड़िता को सुरक्षा व कानूनी सहायता सुनिश्चित करने की माँग की है।
पीड़िता शाज़िया की अभी क्या स्थिति है?
पीड़िता शाज़िया का उपचार इस समय सैफई मेडिकल कॉलेज में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। आयोग ने माँग की है कि उसे बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ मुहैया कराई जाएँ।
NCW ने DGP से किन बिंदुओं पर रिपोर्ट माँगी है?
NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर ने DGP से मामले की तेज़ और समयबद्ध जांच, BNS की धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई, बैलिस्टिक और फोरेंसिक साक्ष्यों का संरक्षण, शीघ्र अभियोजन तथा पीड़िता और उसकी माँ को सुरक्षा, कानूनी सहायता व उचित मुआवज़ा सुनिश्चित करने की माँग की है।
'सम्मान के नाम पर हिंसा' क्या होती है और यह मामला उससे कैसे जुड़ता है?
'ऑनर वायलेंस' या सम्मान के नाम पर हिंसा वह स्थिति होती है जब परिवार का कोई सदस्य किसी महिला पर इसलिए हमला करता है क्योंकि उसे लगता है कि महिला के किसी निर्णय — जैसे शादी की पसंद — से परिवार की 'इज़्ज़त' को ठेस पहुँची है। इस मामले में शाज़िया द्वारा पारिवारिक विवाह का विरोध करना ही कथित तौर पर इस हिंसा की वजह बताया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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