क्या मतदाताओं ने एनडीए को लगभग 200 सीटों तक पहुँचाया? : सीआर पाटिल
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नई दिल्ली, 14 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधान सभा चुनाव की मतगणना अभी भी चल रही है। चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार, राष्ट्रीय जनतांत्रिक पार्टी (एनडीए) ने बहुमत की सीमा को पार कर लिया है। केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने एनडीए के पक्ष में जनता के रुझान को ऐतिहासिक बताया है।
केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि प्रारंभ से ही यह स्पष्ट था कि बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की थी कि एनडीए 160 से अधिक सीटें जीतने में सफल होगा, लेकिन जिस तरह से बिहार के मतदाताओं ने इसे लगभग 200 सीटों तक पहुँचाया है, वह वास्तव में उल्लेखनीय है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संयुक्त प्रयासों के लिए धन्यवाद किया।
बिहार के मतदाताओं ने पहली बार जाति को छोड़कर विकास के नाम पर मतदान किया है।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने एनडीए की जीत को देश भर में स्थापित विश्वसनीयता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने देशवासियों का भरोसा अर्जित किया है, जिसकी पुष्टि विभिन्न राज्यों में मिल रहे लगातार सकारात्मक जनादेश से होती है। बिहार ने भी इस विश्वास को दोहराते हुए एनडीए को समर्थन दिया है।
उन्होंने कहा कि यह जनादेश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में चलाई गई एनडीए सरकार के अच्छे कार्यों की स्वीकृति है। प्रदेश में एनडीए की सरकार ने विकास और सुशासन को आगे बढ़ाया है, जिसके पक्ष में जनता ने भरोसा जताया है। त्रिवेदी ने कहा कि बिहार की जनता ने साबित किया है कि वह विकास की राजनीति का समर्थन करती है, और यही लोकतंत्र की असली ताकत है।
सुधांशु त्रिवेदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती पर राष्ट्र को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि हम बचपन से इस दिन को बाल दिवस के रूप में मनाते आए हैं, इसलिए विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी को भी इस अवसर की बधाई देता हूं।
उन्होंने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। त्रिवेदी ने कहा कि चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव ने जिस तरह "हर परिवार को सरकारी नौकरी" देने जैसी घोषणाएं कीं, वह अव्यावहारिक और अत्यधिक उत्साह का उदाहरण है। बिहार की धरती माता सीता और भगवान बुद्ध की भूमि है, यहां की जनता गंभीर, समझदार और परिपक्व है। इसलिए जनता को "बुद्धू" बनाने का प्रयास पूरी तरह विफल हुआ है।