सीजेपी विरोध प्रदर्शन पर NDA का पलटवार: 'मां दुर्गा राहुल गांधी और विपक्ष को दें सद्बुद्धि'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने 11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के विरोध प्रदर्शन तथा प्रस्तावित इंडी गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। एनडीए नेताओं ने प्रदर्शन की वैधता, चुनावी व्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों और विपक्ष की राजनीतिक रणनीति — तीनों मोर्चों पर एक साथ निशाना साधा।
सीजेपी प्रदर्शन पर रामकृपाल यादव का बयान
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने आरोप लगाया कि CJP को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी, फिर भी संगठन ने दिल्ली और देश में अशांति फैलाने तथा अस्थिरता पैदा करने के इरादे से कथित तौर पर गैरकानूनी प्रदर्शन करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने विदेशी स्रोतों से प्रायोजित और वित्तपोषित बताई जा रही गतिविधियों को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं।
नवरात्रि के पहले दिन यादव ने मां दुर्गा से देश व सभी लोगों पर आशीर्वाद बनाए रखने की प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने CJP, गड़बड़ी पैदा करने वालों और विशेष रूप से राहुल गांधी को सद्बुद्धि देने की कामना की।
इंडी गठबंधन पर एनडीए की तीखी प्रतिक्रिया
इंडी गठबंधन के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर रामकृपाल यादव ने कहा कि गठबंधन के नेता चुनाव में नाकाम रहे हैं और जनता ने उन्हें नकार दिया है। उन्होंने विपक्षी नेताओं को सत्ता में वापसी के सपने छोड़कर अगले पाँच वर्षों तक इंतजार करने की सलाह दी।
यादव ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस पूरे घटनाक्रम में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं, जो उनके अनुसार देश, उनके अपने हितों और कांग्रेस संगठन — किसी के लिए भी उचित नहीं है। उन्होंने विपक्षी नेताओं से कानून अपने हाथ में न लेने और जनता के फैसले का सम्मान करने की अपील की।
जदयू प्रवक्ता ने उठाए चुनावी आरोपों पर सवाल
जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताने का अधिकार सबको है, लेकिन अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता होने के नाते राहुल गांधी से जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।
चुनावी व्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में राजीव रंजन ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने सबूत माँगे हैं और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी प्रतिनिधिमंडल से उपलब्ध साक्ष्य पेश करने को कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनाव में जीत मिलने पर चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाते, लेकिन हार के बाद चुनावी विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं।
कांग्रेस सांसद पर लगे आरोपों पर जदयू की प्रतिक्रिया
राजीव रंजन ने कांग्रेस सांसद एवं प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे कथित यौन शोषण के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने इस मामले में राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ऐसा मामला भारतीय जनता पार्टी (BJP) या एनडीए के किसी नेता से जुड़ा होता, तो राहुल गांधी की प्रतिक्रिया अलग होती।
गौरतलब है कि यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आक्रामक मुहिम चला रहे हैं। एनडीए नेताओं की इस जवाबी रणनीति से आने वाले दिनों में सियासी तापमान और बढ़ने के संकेत हैं।