10 अक्टूबर 2026
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कंगना रनौत और एनडीए नेताओं ने सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन को बताया सुनियोजित साजिश

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कंगना रनौत और एनडीए नेताओं ने सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन को बताया सुनियोजित साजिश

सारांश

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को एनडीए ने महज विरोध नहीं, बल्कि देश-विरोधी साजिश बताया। कंगना से लेकर संजय निषाद तक — सत्तापक्ष एक सुर में मैदान में उतरा, और अखिलेश यादव के समर्थन को भी निशाने पर लिया।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन को देश-विरोधी और अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा बताया।
मथुरा के भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा ने कहा कि कुछ तत्व भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसा बनाना चाहते हैं।
उत्तर प्रदेश मंत्री संजय निषाद ने अखिलेश यादव के समर्थन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सत्ता से बाहर व्यक्ति बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं कर सकता।
भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने दावा किया कि सीजेपी का 'असली चेहरा' मात्र दो महीने में उजागर हो गया।
छत्तीसगढ़ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि अभिव्यक्ति का अधिकार तभी वैध है जब उससे दूसरों को असुविधा न हो।

भाजपा सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई वरिष्ठ नेताओं ने 10 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर आयोजित विरोध-प्रदर्शन के आह्वान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे देश के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश करार दिया। एनडीए खेमे से एकजुट प्रतिक्रिया सामने आई जिसमें मंत्रियों, विधायकों और सांसदों ने एक स्वर में इस प्रदर्शन को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताया।

कंगना रनौत का बयान

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'देश-विरोधी तत्व, आतंकवादी ताकतें और अंतरराष्ट्रीय साजिशें इस समय हमारे देश के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। देश और उसके नागरिकों को परेशान करने के लिए किसी न किसी बहाने से तरह-तरह की साजिशें रची जा रही हैं।' उनके इस बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

मथुरा के भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा ने कहा, 'कुछ लोग सोची-समझी साजिश के तहत भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह तो बस वोटर लिस्ट को शुद्ध करने की प्रक्रिया है, फिर भी इतना हंगामा हो रहा है। वोटर लिस्ट में मौजूद गड़बड़ियों को ठीक किया जा रहा है।'

पटना में भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने सीजेपी के कथित दोहरे चरित्र पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले प्रश्न पत्र लीक मुद्दे पर जंतर-मंतर पर हंगामा किया गया, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की गई, और सरकार ने छात्रों की माँगें मानकर कड़े कानून बनाने का वादा किया। उनके अनुसार, 'दो महीने में ही सीजेपी के लोगों का असली चेहरा सबके सामने आ गया है।'

छत्तीसगढ़ के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संतुलित रुख अपनाते हुए कहा, 'भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र और संविधान का सम्मान करती है। संविधान हर व्यक्ति को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार देता है, लेकिन यह मौलिक अधिकार इस शर्त के अधीन है कि इससे दूसरों को असुविधा न हो।'

संजय निषाद की प्रतिक्रिया और अखिलेश पर कटाक्ष

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना सबका अधिकार है, परंतु बिना जाँच-पड़ताल के किसी खास व्यक्ति को निशाना बनाना अनुचित है। जंतर-मंतर प्रदर्शन को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के समर्थन पर उन्होंने कहा, 'देश की जनता सर्वोपरि है। सरकार हो या विपक्ष, जनता जिसे पसंद करती है, उसे सत्ता में बैठाती है और जिसे नापसंद करती है, उसे बाहर कर देती है। अब जो व्यक्ति बाहर है, वह बयानबाजी के अलावा और क्या कर सकता है?'

राजनीतिक पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब सीजेपी पहले भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर चुकी है और उस दौरान प्रश्न पत्र लीक तथा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ आंदोलन ने राजनीतिक हलचल मचाई थी। गौरतलब है कि विपक्षी दलों की इस प्रदर्शन को समर्थन देने की कोशिश ने सत्तापक्ष की प्रतिक्रिया को और तीखा कर दिया है। आलोचकों का कहना है कि एनडीए नेताओं की इस एकजुट प्रतिक्रिया में भावनात्मक और राजनीतिक दोनों आयाम हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सीजेपी का विरोध-प्रदर्शन किस दिशा में जाता है और सरकार की ओर से कोई औपचारिक कार्रवाई होती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक संदेश है — किसी भी विरोध को 'साजिश' के ढाँचे में पेश करना सत्तापक्ष की परिचित रणनीति बन चुकी है। मुख्यधारा की कवरेज यह चूक जाती है कि वोटर लिस्ट शुद्धिकरण का मुद्दा, जिसे श्रीकांत शर्मा 'सामान्य प्रक्रिया' कह रहे हैं, वास्तव में विवादास्पद है और विपक्ष के लिए गहरी राजनीतिक चिंता का विषय है। साथ ही, 'देश-विरोधी' जैसे भारी शब्दों का इस्तेमाल बिना किसी साक्ष्य के किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक विमर्श को सीमित करने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी का जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन किस बात को लेकर था?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया था, जो मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ था। इससे पहले भी सीजेपी प्रश्न पत्र लीक मुद्दे पर यहाँ प्रदर्शन कर चुकी है।
कंगना रनौत ने सीजेपी के प्रदर्शन पर क्या कहा?
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने इसे देश-विरोधी तत्वों और अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि देश को परेशान करने के लिए किसी न किसी बहाने से साजिशें रची जा रही हैं।
एनडीए नेताओं ने प्रदर्शन को साजिश क्यों बताया?
एनडीए नेताओं का आरोप है कि सीजेपी पहले छात्र हितों की आड़ में और अब वोटर लिस्ट के बहाने देश की शांति को भंग करने की कोशिश कर रही है। भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा ने इसे भारत को अस्थिर करने की सुनियोजित कोशिश बताया।
अखिलेश यादव के इस प्रदर्शन को समर्थन देने पर एनडीए की क्या प्रतिक्रिया रही?
उत्तर प्रदेश मंत्री संजय निषाद ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो सत्ता से बाहर हैं, वे बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी कहा कि जनता ही तय करती है कि किसे सत्ता में रखना है और किसे बाहर।
क्या सीजेपी के पिछले प्रदर्शन पर सरकार ने कोई कार्रवाई की थी?
भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी के अनुसार, पहले प्रश्न पत्र लीक मुद्दे पर हुए प्रदर्शन के बाद सरकार ने छात्रों की माँगें मान ली थीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़े कानून बनाने का आश्वासन दिया था। उनके अनुसार, इसके बावजूद सीजेपी ने फिर से विरोध का रास्ता चुना।
राष्ट्र प्रेस
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