12 अक्टूबर 2026
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भाजपा विधायक संजय उपाध्याय का सीजेपी पर हमला: 'कांग्रेस लोकतंत्र के खिलाफ षड्यंत्र कर रही है'

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भाजपा विधायक संजय उपाध्याय का सीजेपी पर हमला: 'कांग्रेस लोकतंत्र के खिलाफ षड्यंत्र कर रही है'

सारांश

BJP विधायक संजय उपाध्याय ने सीजेपी को 'कांग्रेस जिताओ पार्टी' बताते हुए कहा कि कांग्रेस मुखौटे बदलकर अराजकता फैला रही है। इमरजेंसी का हवाला देकर उन्होंने कांग्रेस पर लोकतंत्र की हत्या का इतिहास दोहराने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

BJP विधायक संजय उपाध्याय ने 12 अक्टूबर 2026 को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन को 'लोकतंत्र के खिलाफ षड्यंत्र' बताया।
उन्होंने सीजेपी को ' कांग्रेस जिताओ पार्टी ' करार दिया — यह फुलफॉर्म महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया था।
उपाध्याय ने 2047 तक ' विकसित भारत ' के लिए युवा पीढ़ी से बड़ा संकल्प लेने की अपील की।
उन्होंने इमरजेंसी का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर बार-बार लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया।
उपाध्याय ने कहा कि संवैधानिक दायरे में आंदोलन का अधिकार है, लेकिन न्यायालय के आदेशों का पालन अनिवार्य है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय उपाध्याय ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के आह्वान का समर्थन करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सीजेपी दरअसल 'कांग्रेस जिताओ पार्टी' है, जो अलग-अलग मुखौटे बदलकर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है।

विकसित भारत और युवा शक्ति

उपाध्याय ने कहा, 'देश के प्रधानमंत्री जनता का मूड समझते हैं। किसान, मजदूर, महिला, बुजुर्ग या बच्चा हो, हर वर्ग के मन में क्या चल रहा है, वो बखूबी जानते हैं।' उन्होंने कहा कि मोदी ने 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने का मंत्र दिया है और इसके लिए 'हम इसे जरूर करेंगे' का संकल्प लिया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज भारत विश्व का सबसे युवा देश है और यहाँ की बौद्धिक क्षमता तथा युवा शक्ति का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो भारत हर क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है। उन्होंने कहा कि 'जेनजी' यानी जेनरेशन Z का योगदान 2047 के विकसित भारत में अहम होगा।

सीजेपी पर सीधा निशाना

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान का हवाला देते हुए, जिसमें उन्होंने सीजेपी को 'कांग्रेस जिताओ पार्टी' कहा था, उपाध्याय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता से दूर होने के बाद अलग-अलग संगठनों के जरिए देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक माध्यम से चुनाव जीतने में अक्षम कांग्रेस अब 'बैलेट' की नहीं, बल्कि बलपूर्वक सत्ता परिवर्तन की भाषा बोल रही है, जो पूरी तरह गैर-लोकतांत्रिक है।

लोकतंत्र और आंदोलन की सीमा

उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक दायरे में रहकर आंदोलन करने का अधिकार सभी को है और सीजेपी रोज प्रदर्शन कर सकती है, लेकिन न्यायालय के आदेशों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अपना कर्तव्य निभा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब सीजेपी के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और अदालती आदेशों के तहत प्रदर्शनकारियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

कांग्रेस के इतिहास पर कटाक्ष

उपाध्याय ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि BJP भी विपक्ष में रह चुकी है और उसके नेताओं ने लाठियाँ खाई हैं, लेकिन तब भी उन्होंने 'सरकार के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया।' उन्होंने इमरजेंसी का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतंत्र को कुचलने का रहा है — देश के सभी बड़े नेताओं को जेल भेजा गया।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने किसी भी राज्य सरकार को बर्खास्त नहीं किया, जबकि कांग्रेस ने जब चाहा, अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किया। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब BJP नेताओं ने इमरजेंसी का हवाला देकर कांग्रेस पर 'लोकतंत्र विरोधी' होने का आरोप लगाया हो।

आगे की राजनीतिक दिशा

उपाध्याय के इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, जहाँ BJP सीजेपी और कांग्रेस के बीच कथित गठजोड़ को जनता के सामने उजागर करने की रणनीति पर काम कर रही है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान विपक्षी आंदोलनों को कमजोर करने की सुनियोजित कोशिश हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब इस पर होगी कि सीजेपी और कांग्रेस इन आरोपों का जवाब किस रूप में देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक आख्यान है — सीजेपी और कांग्रेस को एक ही इकाई के रूप में स्थापित करने की कोशिश। असली सवाल यह है कि क्या आंदोलनकारी संगठनों को 'राजनीतिक मोर्चे' बताकर खारिज करना लोकतांत्रिक विमर्श को संकुचित नहीं करता? इमरजेंसी का बार-बार उल्लेख BJP की चिरपरिचित रणनीति है, लेकिन इससे वर्तमान की जवाबदेही नहीं बनती। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि अदालती आदेशों के बावजूद सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन जारी हैं — यह सत्तारूढ़ दल के लिए असुविधाजनक संकेत है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने सीजेपी पर क्या आरोप लगाए?
उपाध्याय ने सीजेपी को 'कांग्रेस जिताओ पार्टी' बताते हुए कहा कि यह संगठन मुखौटे बदलकर देश में अराजकता फैला रहा है और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव न जीत पाने के कारण बलपूर्वक सत्ता परिवर्तन की भाषा बोल रहा है। उन्होंने इसे गैर-लोकतांत्रिक और देश की जनता के लिए अस्वीकार्य बताया।
सीजेपी का पूरा नाम क्या है और इसे 'कांग्रेस जिताओ पार्टी' किसने कहा?
सीजेपी का आधिकारिक नाम 'कॉकरोच जनता पार्टी' है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे 'कांग्रेस जिताओ पार्टी' करार दिया था, जिसे BJP विधायक संजय उपाध्याय ने अपने बयान में दोहराया।
उपाध्याय ने विकसित भारत के बारे में क्या कहा?
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने के आह्वान का समर्थन किया और कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है। उन्होंने युवा पीढ़ी, विशेषकर जेनरेशन Z से बड़ा संकल्प लेकर इस लक्ष्य को हासिल करने की अपील की।
क्या सीजेपी का विरोध-प्रदर्शन अदालती आदेशों के दायरे में है?
उपाध्याय के अनुसार न्यायालय ने सीजेपी के प्रदर्शन के तरीके को लेकर आदेश दिए हैं और संवैधानिक सीमा में रहकर आंदोलन का अधिकार सबको है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अपना दायित्व निभा रही है।
उपाध्याय ने कांग्रेस के इतिहास पर क्या कहा?
उन्होंने इमरजेंसी का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने बार-बार लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया है — देश के सभी बड़े नेताओं को जेल भेजा गया। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने किसी राज्य सरकार को बर्खास्त नहीं किया, जबकि कांग्रेस ने अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किया।
राष्ट्र प्रेस
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