भाजपा विधायक संजय उपाध्याय का सीजेपी पर हमला: 'कांग्रेस लोकतंत्र के खिलाफ षड्यंत्र कर रही है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय उपाध्याय ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के आह्वान का समर्थन करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सीजेपी दरअसल 'कांग्रेस जिताओ पार्टी' है, जो अलग-अलग मुखौटे बदलकर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है।
विकसित भारत और युवा शक्ति
उपाध्याय ने कहा, 'देश के प्रधानमंत्री जनता का मूड समझते हैं। किसान, मजदूर, महिला, बुजुर्ग या बच्चा हो, हर वर्ग के मन में क्या चल रहा है, वो बखूबी जानते हैं।' उन्होंने कहा कि मोदी ने 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने का मंत्र दिया है और इसके लिए 'हम इसे जरूर करेंगे' का संकल्प लिया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज भारत विश्व का सबसे युवा देश है और यहाँ की बौद्धिक क्षमता तथा युवा शक्ति का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो भारत हर क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है। उन्होंने कहा कि 'जेनजी' यानी जेनरेशन Z का योगदान 2047 के विकसित भारत में अहम होगा।
सीजेपी पर सीधा निशाना
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान का हवाला देते हुए, जिसमें उन्होंने सीजेपी को 'कांग्रेस जिताओ पार्टी' कहा था, उपाध्याय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता से दूर होने के बाद अलग-अलग संगठनों के जरिए देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक माध्यम से चुनाव जीतने में अक्षम कांग्रेस अब 'बैलेट' की नहीं, बल्कि बलपूर्वक सत्ता परिवर्तन की भाषा बोल रही है, जो पूरी तरह गैर-लोकतांत्रिक है।
लोकतंत्र और आंदोलन की सीमा
उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक दायरे में रहकर आंदोलन करने का अधिकार सभी को है और सीजेपी रोज प्रदर्शन कर सकती है, लेकिन न्यायालय के आदेशों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अपना कर्तव्य निभा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब सीजेपी के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और अदालती आदेशों के तहत प्रदर्शनकारियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
कांग्रेस के इतिहास पर कटाक्ष
उपाध्याय ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि BJP भी विपक्ष में रह चुकी है और उसके नेताओं ने लाठियाँ खाई हैं, लेकिन तब भी उन्होंने 'सरकार के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया।' उन्होंने इमरजेंसी का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतंत्र को कुचलने का रहा है — देश के सभी बड़े नेताओं को जेल भेजा गया।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने किसी भी राज्य सरकार को बर्खास्त नहीं किया, जबकि कांग्रेस ने जब चाहा, अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किया। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब BJP नेताओं ने इमरजेंसी का हवाला देकर कांग्रेस पर 'लोकतंत्र विरोधी' होने का आरोप लगाया हो।
आगे की राजनीतिक दिशा
उपाध्याय के इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, जहाँ BJP सीजेपी और कांग्रेस के बीच कथित गठजोड़ को जनता के सामने उजागर करने की रणनीति पर काम कर रही है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान विपक्षी आंदोलनों को कमजोर करने की सुनियोजित कोशिश हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब इस पर होगी कि सीजेपी और कांग्रेस इन आरोपों का जवाब किस रूप में देते हैं।