BJP का CJP प्रदर्शन पर पलटवार: संबित पात्रा बोले — 'अराजक तत्वों का फ्लॉप शो, लोकतंत्र की जीत'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के विरोध प्रदर्शन को 'फ्लॉप शो' करार देते हुए इसे लोकतंत्र पर भीड़तंत्र की हार बताया। पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली को बंधक बनाने और आगजनी-मारपीट की कोशिश विफल हो गई है।
भाजपा का आरोप — 'अराजकता की साज़िश'
संबित पात्रा ने कहा, 'कुछ दिनों से दिल्ली के एक कोने में कुछ अराजक तत्व अराजकता कर रहे हैं। आज अराजक तत्वों का 'फ्लॉप शो' रहा है। यह कोशिश थी कि भारत और उसकी राजधानी को बंधक बनाया जाए। कोशिश थी कि यहाँ आगजनी, मारपीट और सड़कों पर लड़ाई हो, लेकिन आज भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत हुई है।'
उन्होंने यह भी कहा, 'भारत की कहानी जंतर-मंतर की कहानी नहीं है। भारत शांत है और सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है।' पात्रा ने स्पष्ट किया कि टीवी और सोशल मीडिया पर जो दिख रहा है, वह पूरे भारत की तस्वीर नहीं है।
कांग्रेस और AAP पर भी निशाना
संबित पात्रा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, 'कुछ दिन पहले कांग्रेस ने एक बंद बुलाया था। आज कुछ दूसरे तत्वों ने प्रदर्शन किया और 12 अक्टूबर को भी एक प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। एक कालखंड में किस तरह से भारत में स्थितियों को बिगाड़ा जाए, यह उसका प्रयास है।'
पात्रा ने आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच के अंतर्विरोध को भी उजागर किया। उनके अनुसार, AAP के नेता कह रहे हैं कि 'संविधान बचाने का ठेका क्या सिर्फ कांग्रेस ने ले रखा है' — इसीलिए दोनों दल अलग-अलग तारीख चुन रहे हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'अराजक तत्वों के अंदर भी अराजकता है कि श्रेय किसे मिले।'
CJP प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
गौरतलब है कि CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद जब CJP समर्थक एकत्र हुए, तो पुलिस ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर विमान से उतरते ही हिरासत में ले लिया गया। CJP के समर्थन में उतरे अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। CJP का यह प्रदर्शन CEC के कार्यालय को सीधे निशाना बनाने वाला अब तक का सबसे बड़ा नागरिक संगठन का प्रयास माना जा रहा है। भाजपा इसे संवैधानिक संस्थाओं को अस्थिर करने की कोशिश बता रही है, जबकि आलोचकों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है।
आगे क्या
12 अक्टूबर को एक और प्रदर्शन का आह्वान किए जाने की जानकारी पात्रा ने दी, जिसे लेकर दिल्ली पुलिस की तैयारियाँ और सुरक्षा इंतज़ाम चर्चा में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, AAP और कांग्रेस के बीच विरोध प्रदर्शनों की तारीख और नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान विपक्षी एकता की सीमाओं को उजागर करती है।