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क्या राष्ट्रपति मुर्मू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया?

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क्या राष्ट्रपति मुर्मू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया?

सारांश

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर राष्ट्रपति मुर्मू ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके योगदान को याद करते हुए उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा को साझा किया। यह दिन केवल श्रद्धांजलि का नहीं, बल्कि नेताजी के नेतृत्व और साहस की विरासत को आगे बढ़ाने का भी है।

मुख्य बातें

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रपति d्रौपदी मुर्मू ने उनके योगदान को नमन किया।
पराक्रम दिवस हमें नेताजी की विरासत को याद करने का अवसर प्रदान करता है।

नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को देशभर में पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में नेताजी को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके अतुलनीय योगदान को नमन किया।

राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल पर शेयर की गई तस्वीरों में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नेताजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करती नजर आ रही हैं।

राष्ट्रपति भवन के एक्स हैंडल पर पोस्ट में लिखा गया, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती (पराक्रम दिवस) पर राष्ट्रपति भवन में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।"

इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पराक्रम दिवस के अवसर पर एक अलग एक्स पोस्ट के माध्यम से भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में लिखा, "नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती, जिसे पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है, पर मैं भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक महान नेता को विनम्र श्रद्धांजलि देती हूं। आजादी के लिए उनके आह्वान ने लाखों भारतीयों में साहस, आत्मविश्वास, एकता और राष्ट्रवाद की भावना जगाई। आजाद हिंद फौज के जरिए उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को निर्णायक नेतृत्व दिया और इसे वैश्विक मंच पर पहुंचाया। उनकी विरासत हर भारतीय को प्रेरित करती रहती है।"

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें याद करते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, "नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने मुझे हमेशा बहुत प्रेरित किया है। 23 जनवरी 2009 को ई-ग्राम विश्वग्राम योजना शुरू की गई थी। यह गुजरात के आईटी क्षेत्र को बदलने के मकसद से शुरू की गई एक अनोखी योजना थी। यह योजना हरिपुरा से शुरू की गई थी, जिसका नेताजी बोस के जीवन में एक खास स्थान था। मैं कभी नहीं भूलूंगा कि हरिपुरा के लोगों ने मेरा कैसे स्वागत किया और उसी सड़क पर जुलूस निकाला जिस पर नेताजी बोस चले थे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। राष्ट्रपति मुर्मू का यह कदम हमें प्रेरणा देता है कि हम अपने देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करें।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेताजी सुभाष चंद्र बोस कौन थे?
नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने आजादी के लिए संघर्ष किया।
पराक्रम दिवस कब मनाया जाता है?
पराक्रम दिवस हर साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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