क्या एनआईए ने उत्तर भारत में माओवादी संगठन को फिर से जीवित करने की साजिश को उजागर किया?

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क्या एनआईए ने उत्तर भारत में माओवादी संगठन को फिर से जीवित करने की साजिश को उजागर किया?

सारांश

क्या एनआईए ने उत्तर भारत में माओवादी गतिविधियों को फिर से सक्रिय करने की साजिश का पर्दाफाश किया? मथुरा के विशाल सिंह के खिलाफ चार्जशीट के साथ यह मामला जटिल हो गया है। जानिए इस मामले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

एनआईए ने मथुरा के विशाल सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
विशाल सिंह का संबंध सीपीआई (माओवादी) से है।
जांच में माओवादी नेटवर्क का नया निर्माण सामने आया।
विशाल ने ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी।
कई आरोपी अभी भी फरार हैं।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी विशाल सिंह उर्फ सूरज के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। विशाल पर आरोप है कि वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) को उत्तर भारत में पुनर्जीवित करने की खतरनाक साजिश में शामिल था।

यह मामला उत्तर भारत के सात राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में माओवादी संगठन की कमजोर होती पकड़ को फिर से मजबूत करने से संबंधित है। एनआईए ने विशाल सिंह पर देशद्रोह की धारा 121ए के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) की धारा 18, 20, 38 और 39 लगाई है।

यह वही केस है, जिसमें फरवरी 2025 में पहली चार्जशीट अजय सिंघल उर्फ अमन के खिलाफ दाखिल की गई थी। जांच में सामने आया है कि माओवादी संगठन के नेता, कैडर और उनके शहरों में छिपे समर्थक मिलकर उत्तर भारत में एक नया नेटवर्क बनाने का प्रयास कर रहे थे।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विशाल सिंह बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित घने जंगलों छकरबंधा और पचरुखिया इलाके में दस दिन तक रहा। वहां उसने माओवादी लड़ाकों को ड्रोन उड़ाने और उसका उपयोग करने की पूरी ट्रेनिंग दी। इसके अलावा, उसने संगठन के वरिष्ठ नेता प्रमोद मिश्रा उर्फ सोहन दा और बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी के सेंट्रल कमेटी सदस्य संदीप यादव उर्फ रूपेश के साथ कई गोपनीय बैठकें भी कीं।

एनआईए का कहना है कि विशाल सिंह का काम केवल तकनीकी मदद तक सीमित नहीं था। वह संगठन को हथियार, ट्रेनिंग और खुफिया जानकारी मुहैया कराने में भी सक्रिय था। उसका मकसद उत्तर भारत में माओवादी गतिविधियों को फिर से शुरू करना था।

अब तक इस मामले में दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है और कई आरोपी फरार हैं। एनआईए ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और जल्द ही और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाल सिंह पर क्या आरोप हैं?
विशाल सिंह पर आरोप है कि वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) को उत्तर भारत में पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा था।
एनआईए ने किस कानून के तहत चार्जशीट दाखिल की है?
एनआईए ने देशद्रोह और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत चार्जशीट दाखिल की है।
इस मामले में और कितने आरोपी हैं?
इस मामले में अब तक दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है और कई आरोपी फरार हैं।
क्या एनआईए की जांच अभी जारी है?
हाँ, एनआईए ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और नए खुलासे हो सकते हैं।
विशाल सिंह की गतिविधियों में क्या शामिल था?
विशाल सिंह ने माओवादी लड़ाकों को ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी और संगठन को हथियार और खुफिया जानकारी प्रदान की।
राष्ट्र प्रेस
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