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एनआईए का असम में ऑपरेशन: बारपेटा रोड से मुस्तफिजुर रहमान हिरासत में, घर की तलाशी

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एनआईए का असम में ऑपरेशन: बारपेटा रोड से मुस्तफिजुर रहमान हिरासत में, घर की तलाशी

सारांश

एनआईए ने असम के बारपेटा रोड से मुस्तफिजुर रहमान को हिरासत में लेकर उनके घर की तलाशी ली — यह कार्रवाई उनकी जमानत पर रिहाई के महज दो महीने बाद हुई। इससे स्पष्ट है कि केंद्रीय एजेंसी कथित जिहादी नेटवर्क की जांच में कोई ढील नहीं दे रही।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 29 सितंबर को असम के बारपेटा रोड से मुस्तफिजुर रहमान को हिरासत में लिया।
तलाशी के दौरान रहमान का मोबाइल फोन जब्त; अतिरिक्त सामग्री की पुष्टि अभी बाकी।
रहमान को इससे पहले 14 मार्च को असम एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था और वे गुवाहाटी सेंट्रल जेल में रहे थे।
एनआईए की कार्रवाई रहमान की जमानत पर रिहाई के लगभग दो महीने बाद हुई।
परिवार के अनुसार रहमान बारपेटा रोड जामा मस्जिद के पास कपड़ों की दुकान चलाते हैं।
एनआईए ने अब तक उस विशेष मामले का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार, 29 सितंबर को असम के बारपेटा रोड स्थित आजाद नगर इलाके में मुस्तफिजुर रहमान को उनके आवास से हिरासत में लिया और कथित जिहादी गतिविधियों से जुड़े मामले की जांच के तहत घर की व्यापक तलाशी ली। तलाशी अभियान के दौरान रहमान का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

एनआईए की एक विशेष टीम रहमान के आजाद नगर स्थित आवास पर पहुंची और वहां मौजूद सामग्री की गहन जांच-पड़ताल की। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने घर में उपलब्ध वस्तुओं की जाँच की और आगे की जांच के लिए मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिया। ऑपरेशन के दौरान अतिरिक्त सामग्री जब्त की गई या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।

पूर्व गिरफ्तारी और जमानत की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि रहमान को इससे पहले 14 मार्च को असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बारपेटा रोड के आजाद नगर से ही कथित जिहादी गतिविधियों से संबंधों की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। उस समय एसटीएफ ने तलाशी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामग्री जब्त की थी।

गिरफ्तारी के बाद रहमान को गुवाहाटी सेंट्रल जेल में रखा गया था। एनआईए की मंगलवार की कार्रवाई उनके जेल से जमानत पर रिहा होने के लगभग दो महीने बाद हुई है। यह तथ्य इस बात को रेखांकित करता है कि केंद्रीय एजेंसी की नज़र रिहाई के बाद भी उन पर बनी रही।

स्थानीय समुदाय पर असर

परिवार के सदस्यों के अनुसार, रहमान बारपेटा रोड जामा मस्जिद के सामने एक कपड़ों की दुकान चलाते हैं। हिरासत और तलाशी की खबर से आजाद नगर के स्थानीय निवासियों में चर्चा का माहौल बन गया है।

जांच का व्यापक संदर्भ

यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब असम में चरमपंथी और कथित जिहादी नेटवर्क की केंद्रीय और राज्य एजेंसियाँ मिलकर जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने अब तक उस विशेष मामले का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है जिसके तहत मंगलवार की कार्रवाई की गई। मंगलवार की कार्रवाई में एनआईए जिन आरोपों की जांच कर रही है, उनके बारे में तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई।

आगे क्या होगा

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, एजेंसी द्वारा जब्त सामग्री के विश्लेषण और संभावित अगली कार्रवाई के बारे में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है। एनआईए की यह कार्रवाई असम में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता का एक और संकेत मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जांच के विशेष आरोपों का सार्वजनिक खुलासा न होना पारदर्शिता का सवाल खड़ा करता है। आलोचकों का कहना है कि बिना स्पष्ट आरोप-पत्र के बार-बार हिरासत नागरिक अधिकारों पर असर डाल सकती है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने असम में मुस्तफिजुर रहमान को क्यों हिरासत में लिया?
एनआईए ने कथित जिहादी गतिविधियों से जुड़े मामले की जांच के तहत रहमान को हिरासत में लिया और उनके बारपेटा रोड स्थित आवास की तलाशी ली। एजेंसी ने अब तक उस विशेष मामले का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है।
मुस्तफिजुर रहमान को पहले कब और क्यों गिरफ्तार किया गया था?
रहमान को 14 मार्च को असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बारपेटा रोड के आजाद नगर से कथित जिहादी गतिविधियों से संबंधों की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। उस दौरान एसटीएफ ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामग्री जब्त की थी।
एनआईए की कार्रवाई रहमान की रिहाई के कितने समय बाद हुई?
एनआईए का यह ऑपरेशन रहमान के गुवाहाटी सेंट्रल जेल से जमानत पर रिहा होने के लगभग दो महीने बाद हुआ। रिहाई के बाद भी केंद्रीय एजेंसी की जांच जारी रही।
तलाशी में एनआईए ने क्या जब्त किया?
तलाशी के दौरान रहमान का मोबाइल फोन जब्त किया गया। अतिरिक्त सामग्री जब्त की गई या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
असम में एनआईए और एसटीएफ की जांच का व्यापक संदर्भ क्या है?
असम में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियाँ कथित चरमपंथी और जिहादी नेटवर्क की जांच में सक्रिय हैं। यह कार्रवाई उसी व्यापक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें एनआईए और एसटीएफ मिलकर काम कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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