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दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती: BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने जयपुर में अर्पित की पुष्पांजलि

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दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती: BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने जयपुर में अर्पित की पुष्पांजलि

सारांश

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने जयपुर में दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और अंत्योदय को मोदी व भजनलाल सरकार की योजनाओं से जोड़ा। अल्बर्ट हॉल में स्वच्छता सेवा अभियान में श्रमदान भी किया।

मुख्य बातें

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने 25 सितंबर 2026 को जयपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की।
नवीन ने उपाध्याय के अंत्योदय , समग्र मानवतावाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के सिद्धांतों को याद किया।
उपाध्याय का राजस्थान से व्यक्तिगत जुड़ाव था — धनक्या रेलवे स्टेशन के पास उनके नाना का घर था और उन्होंने सीकर व पिलानी में पढ़ाई की।
नवीन ने PM मोदी और CM भजनलाल शर्मा की योजनाओं को अंत्योदय की भावना से जोड़ा।
नवीन ने अल्बर्ट हॉल, जयपुर में 'स्वच्छता सेवा अभियान' में स्वैच्छिक श्रमदान किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने 25 सितंबर 2026 को जयपुर, राजस्थान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर नवीन ने उपाध्याय के अंत्योदय, समग्र मानवतावाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के सिद्धांतों में योगदान को विस्तार से याद किया।

उपाध्याय का राजस्थान से विशेष नाता

नवीन ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का राजस्थान से गहरा व्यक्तिगत जुड़ाव था। उनके नाना का घर धनक्या रेलवे स्टेशन के निकट स्थित था, जहाँ उपाध्याय का पालन-पोषण और प्रारंभिक शिक्षा हुई। उनके नाना उस स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के पद पर कार्यरत थे।

नवीन के अनुसार, राजस्थान में मिली इस परवरिश और मार्गदर्शन ने उपाध्याय की बाद की शैक्षणिक उपलब्धियों की नींव रखी। उन्होंने स्मरण कराया कि उपाध्याय ने सीकर कल्याण हाई स्कूल में पढ़ते हुए अजमेर क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त किया था, और बाद में पिलानी में इंटरमीडिएट परीक्षा में भी शीर्ष स्थान हासिल किया।

वैचारिक विरासत और BJP की नींव

BJP अध्यक्ष ने उपाध्याय को 'भारत माता का महान सपूत' और 'समग्र मानवतावाद का प्रवर्तक' बताया। उनके अनुसार उपाध्याय के वैचारिक योगदान ने भारतीय जनसंघ से लेकर आज की भाजपा तक संगठन की वैचारिक दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाई।

नवीन ने उपाध्याय के दीपक संबंधी प्रसिद्ध कथन का भी उल्लेख किया — कि दीपक की असली परीक्षा उसकी लौ में नहीं, बल्कि उसकी रोशनी की पहुँच में होती है। उन्होंने इसे अंत्योदय के मूल सिद्धांत से जोड़ा, जो यह सुनिश्चित करता है कि विकास के लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें।

मोदी और भजनलाल की योजनाओं को अंत्योदय से जोड़ा

नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकारी योजनाएँ और उनका क्रियान्वयन तंत्र इसी अंत्योदय की भावना को जमीनी स्तर पर साकार करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि BJP के विधायक, सांसद और स्थानीय निकायों एवं पंचायतों के प्रतिनिधि इस सिद्धांत को अंतिम लाभार्थी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

गौरतलब है कि यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित हुआ जब भाजपा देशभर में उपाध्याय की जयंती को पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं के पुनरुत्साह के अवसर के रूप में मनाती है।

स्वच्छता सेवा अभियान में श्रमदान

जयंती कार्यक्रम के बाद नवीन ने जयपुर के अल्बर्ट हॉल में आयोजित 'स्वच्छता सेवा अभियान' में भाग लिया और स्वैच्छिक श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एक प्रकार की सेवा है और लोगों से अपने आसपास को साफ रखने का आह्वान किया।

नवीन ने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधीजी ने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई, बल्कि स्वच्छता के प्रति समाज में जागरूकता भी फैलाई। उन्होंने जनता से श्रमदान के माध्यम से इस परंपरा को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की यह 110वीं जयंती पूरे देश में BJP कार्यकर्ताओं द्वारा मनाई जा रही है, और इस वर्ष भी पार्टी ने इसे संगठनात्मक पुनर्प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ विचारधारा की पुनर्पुष्टि के साथ-साथ सत्तारूढ़ सरकार की योजनाओं को वैचारिक वैधता देने की कोशिश भी होती है। नवीन का अंत्योदय को मोदी और भजनलाल सरकार की योजनाओं से सीधे जोड़ना यह दर्शाता है कि पार्टी इस विरासत को चुनावी आख्यान के साथ कितनी सावधानी से बुनती है। सवाल यह है कि क्या जमीन पर अंत्योदय केवल नारा है या नीति — इसका जवाब आँकड़ों और लाभार्थियों की जमीनी स्थिति में मिलेगा, भाषणों में नहीं।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर क्या हुआ?
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने 25 सितंबर 2026 को जयपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने उपाध्याय के अंत्योदय, समग्र मानवतावाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के सिद्धांतों को याद किया।
दीनदयाल उपाध्याय का राजस्थान से क्या संबंध था?
उपाध्याय के नाना का घर धनक्या रेलवे स्टेशन के पास था, जहाँ उनका पालन-पोषण और शिक्षा हुई। उन्होंने सीकर कल्याण हाई स्कूल में अजमेर क्षेत्र में प्रथम स्थान और पिलानी में इंटरमीडिएट में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था।
अंत्योदय का सिद्धांत क्या है और इसे BJP से कैसे जोड़ा जाता है?
अंत्योदय का अर्थ है समाज के अंतिम और सबसे कमज़ोर व्यक्ति का उत्थान — यह दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा का केंद्रीय तत्व है। BJP इसे अपनी कल्याणकारी योजनाओं के वैचारिक आधार के रूप में प्रस्तुत करती है।
नितिन नवीन ने जयपुर में किस स्वच्छता कार्यक्रम में भाग लिया?
नितिन नवीन ने जयपुर के अल्बर्ट हॉल में आयोजित 'स्वच्छता सेवा अभियान' में स्वैच्छिक श्रमदान किया। उन्होंने महात्मा गांधी की स्वच्छता की विरासत का उल्लेख करते हुए लोगों से अपने आसपास को स्वच्छ रखने का आह्वान किया।
दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का BJP पर क्या प्रभाव है?
नितिन नवीन के अनुसार, उपाध्याय के वैचारिक योगदान ने भारतीय जनसंघ से लेकर आज की BJP तक संगठन की वैचारिक दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनके अंत्योदय और समग्र मानवतावाद के सिद्धांत पार्टी के नीति-निर्माण का आधार माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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