21 अक्टूबर 2026
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जनसंघ के 75वें स्थापना दिवस पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का कांग्रेस पर हमला: 'अंत्योदय योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचीं'

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जनसंघ के 75वें स्थापना दिवस पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का कांग्रेस पर हमला: 'अंत्योदय योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचीं'

सारांश

जनसंघ की 75वीं वर्षगांठ पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस को सीधे निशाने पर लिया — कहा, गरीबी हटाने की बातें होती थीं, लाभ नहीं पहुंचता था। डॉ. मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय के 'अंत्योदय' विचार को मोदी सरकार ने जनधन जैसी योजनाओं से साकार किया।

मुख्य बातें

BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में जनसंघ के 75वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया।
नवीन ने कहा कि कांग्रेस शासन में विकास योजनाएं 'अंतिम पंक्ति के व्यक्ति' तक नहीं पहुंच पाती थीं; जनधन जैसी योजनाओं ने यह खाई पाटी।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 21 अक्टूबर 1951 को स्थापित जनसंघ को उन्होंने BJP के रूप में विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बताया।
उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय , अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के योगदान को संगठन के विस्तार का आधार बताया।
नवीन ने नई पीढ़ी को 'नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट और सेल्फ लास्ट' के मंत्र के साथ 140 करोड़ नागरिकों को जोड़ने का संकल्प दिलाया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भारतीय जनसंघ के 75वें स्थापना दिवस समारोह में कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारें विकास योजनाओं का लाभ 'अंतिम पंक्ति के व्यक्ति' तक पहुंचाने में विफल रहीं। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'राष्ट्र प्रथम' और 'अंत्योदय' के विचार से रोपा गया जनसंघ का बीज आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में खड़ा है।

मुख्य घटनाक्रम

जनसंघ की 75वीं वर्षगांठ के इस अवसर पर नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 21 अक्टूबर 1951 को पार्टी की स्थापना के समय न कार्यालय थे, न पर्याप्त संसाधन, और न ही आवागमन के साधन। इसके बावजूद संस्थापकों के मन में केवल एक संकल्प था — संगठन और उसके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना। समारोह में BJP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता, दिल्ली प्रदेश सह-प्रभारी दर्शना जरदोश तथा अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

नवीन ने कहा कि जनसंघ ने 1961 में गोवा को भारत से जोड़ने के प्रश्न और पश्चिम बंगाल के हिंदू-बहुल क्षेत्रों के हितों की रक्षा — दोनों ही मोर्चों पर 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को आगे बढ़ाने का काम किया।

कांग्रेस पर हमला और अंत्योदय का संदर्भ

BJP अध्यक्ष ने कहा कि पहले गरीबी हटाने की बातें तो होती थीं, लेकिन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाता था। उन्होंने जनधन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज वह व्यक्ति भी बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ रहा है, जिसने कभी बैंक खाता खोलने की कल्पना नहीं की थी। उनके अनुसार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'अंत्योदय' के विचार को मोदी सरकार की नीतियों में व्यावहारिक रूप मिला है।

जनसंघ से BJP की यात्रा

नितिन नवीन ने कहा कि संगठन ने महज तीन सदस्यों से शुरुआत कर देश में तीसरी बार सरकार बनाई है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं के वर्षों के परिश्रम को पार्टी के विस्तार का आधार बताया। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के मंत्री पद से इस्तीफे को ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि उस दौर की केंद्र सरकार पश्चिमी और वामपंथी विचारों से प्रभावित थी, जिसके चलते राष्ट्रवादी चिंतन को नजरअंदाज किया जा रहा था।

नई पीढ़ी को आह्वान

भाजपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि नई तकनीकों और बदलते समय के साथ आगे बढ़ने के साथ-साथ अपने पूर्वजों के संघर्ष और पुरुषार्थ से सीख लें। उन्होंने 'नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट और सेल्फ लास्ट' के मंत्र को BJP की कार्यशैली का मूल आधार बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर लोकतंत्रों को चुनौती देने के प्रयास हो रहे हैं, लेकिन जनसंघ के विचार देश के 140 करोड़ नागरिकों को एकजुट रखेंगे।

आगे का संकल्प

समारोह के अंत में नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प और पूर्वजों के सपनों के भारत को साकार करने के लिए BJP पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करती रहेगी। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी अपने सांगठनिक विस्तार और विचारधारात्मक नींव को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि जनधन खातों की संख्या और वास्तविक वित्तीय समावेश के बीच का अंतर अभी भी नीति-विश्लेषकों की चिंता का विषय है। 75 साल की यात्रा का उत्सव मनाते हुए पार्टी अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत करने का संदेश दे रही है, खासकर दिल्ली जैसे शहरी केंद्र में जहां वह हाल ही में सत्ता में लौटी है। जवाबदेही की दृष्टि से यह देखना जरूरी होगा कि 'अंतिम व्यक्ति तक लाभ' की कसौटी पर सरकार की योजनाएं स्वयं कितनी खरी उतरती हैं।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनसंघ का 75वां स्थापना दिवस कब और कहां मनाया गया?
भारतीय जनसंघ का 75वां स्थापना दिवस 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में मनाया गया। इस अवसर पर BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित दिल्ली के मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
नितिन नवीन ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया?
नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में गरीबी हटाने की बातें होती थीं, परंतु विकास योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाता था। उन्होंने जनधन जैसी योजनाओं को इस खाई को पाटने का उदाहरण बताया।
भारतीय जनसंघ की स्थापना किसने और कब की थी?
भारतीय जनसंघ की स्थापना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को की थी। नितिन नवीन के अनुसार, डॉ. मुखर्जी ने तत्कालीन केंद्र सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देकर राष्ट्रवादी चिंतन के आधार पर यह संगठन खड़ा किया था।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का 'अंत्योदय' विचार क्या है?
'अंत्योदय' का अर्थ है समाज के सबसे अंतिम और वंचित व्यक्ति का उत्थान। नितिन नवीन ने कहा कि यह दर्शन जनसंघ की नींव में था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे जनधन जैसी योजनाओं के माध्यम से व्यावहारिक रूप दिया है।
इस समारोह में कौन-कौन से नेता उपस्थित थे?
समारोह में BJP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता, दिल्ली प्रदेश सह-प्रभारी दर्शना जरदोश, तथा वरिष्ठ नेता वी. सतीश, महेश चंद शर्मा, जुगल किशोर शर्मा सहित अनेक नेतागण उपस्थित थे।
राष्ट्र प्रेस
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