नीतीश कुमार ने विधान परिषद अतिथि निवास का शुभारंभ, राज्यसभा सदस्यता की ओर बढ़े
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विधान परिषद अतिथि निवास का उद्घाटन
- 30 सुईट रूम और अन्य सुविधाएं
- कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
- 10 अप्रैल को नीतीश कुमार का राज्यसभा में शामिल होना
- सुविधाओं से भरपूर आवास की उपलब्धता
पटना, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को विधायक आवासन योजना के तहत विधान परिषद के अतिथि निवास का उद्घाटन किया। साथ ही, मुख्यमंत्री ने कैंटीन और पुस्तकालय भवन तथा सामुदायिक केंद्र का भी उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित विधान परिषद अतिथि निवास का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विधान परिषद का अतिथि निवास अत्यंत उत्तम बना है, जिसका लाभ विधान परिषद के सदस्यों को मिलेगा।
विधान परिषद के सदस्यों के लिए अतिथि आवास, सामुदायिक केंद्र, कैंटीन और पुस्तकालय का निर्माण किया गया है। विधान परिषद अतिथि निवास एक पांच मंजिला भवन है, जिसमें बेसमेंट, भू-तल और चार मंजिलें शामिल हैं। इस भवन में 30 सुईट रूम, चार लाउंज और सुरक्षा लाउंज का निर्माण किया गया है। प्रत्येक सुईट रूम में एक छोटा किचन, ड्राइंग रूम और विश्राम हेतु एक कमरा (शौचालय सहित) शामिल है। कैंटीन और पुस्तकालय भवन एक दो मंजिला भवन है, जिसमें एक भाग में कैंटीन और दूसरे भाग में पुस्तकालय का निर्माण किया गया है।
कैंटीन के भूतल और पहले तल पर कैंटीन डायनिंग हॉल, किचन, रेस्ट रूम, पेंट्री, स्टोर, सर्विस एरिया और शौचालय का निर्माण किया गया है। पुस्तकालय के भूतल पर कार्यालय कक्ष, पुस्तकालय और शौचालय का निर्माण किया गया है। पुस्तकालय के पहले तल पर रीडिंग हॉल, लॉबी और स्टोर का निर्माण किया गया है। सामुदायिक केंद्र भी एक दो मंजिला भवन है, जिसमें भूतल और पहले तल पर हॉल, स्टोर, किचन, लॉबी और शौचालय का निर्माण किया गया है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, बिहार विधान परिषद के उपसभापति रामवचन राय सहित कई विधान पार्षद और अधिकारी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए हैं। संभावना है कि वे 10 अप्रैल को राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।