क्या नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा सीआईएसएफ के हवाले कर दी गई?
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा, 22 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जिम्मे सौंपी गई है। सोमवार को एयरपोर्ट परिसर में आयोजित हैंडओवर कार्यक्रम में एयरपोर्ट अथॉरिटी, निर्माता कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट, यमुना अथॉरिटी, स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सीआईएसएफ का ध्वजारोहण (फ्लैग अनफर्लिंग) किया गया और एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से सीआईएसएफ को सौंप दी गई। कार्यक्रम में सीआईएसएफ के स्पेशल डीजी ने भाग लिया और उन्होंने टर्मिनल बिल्डिंग सहित एयरपोर्ट की अन्य महत्वपूर्ण जगहों का निरीक्षण किया।
अब तक देश के 69 एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही सीआईएसएफ ने अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अपने 70वें एयरपोर्ट के रूप में अपने अधीन लिया है।
यह ध्यान देने योग्य है कि सीआईएसएफ ने साल 2000 से एयरपोर्ट सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालना शुरू किया था और आज यह बल अपनी पेशेवर कार्यशैली और मानक व्यवस्था के लिए जाना जाता है। प्रारंभिक चरण में सीआईएसएफ के 120 जवानों की तैनाती एयरपोर्ट पर की गई है।
वहीं, एयरपोर्ट के पहले फेज के पूरी तरह शुरू होते ही लगभग 1047 सीआईएसएफ जवान यात्रियों और एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। एयरपोर्ट प्रबंधन और सीआईएसएफ की टीम लंबे समय से सुरक्षा योजना, मशीनों की इंस्टॉलेशन और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर मिलकर काम कर रही है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीक से विकसित किया गया है। पहले फेज में कुल 27 एयरक्राफ्ट पार्किंग स्टैंड तैयार किए गए हैं, जिनमें से 2 स्टैंड विशेष रूप से कार्गो के लिए होंगे। टर्मिनल बिल्डिंग में 13 बोर्डिंग गेट बनाए गए हैं, जिनमें 10 पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज और 3 बस गेट शामिल हैं।
इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और एयरक्राफ्ट की तेजी से टर्नअराउंड सेवा मिल सकेगी। 30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। फिलहाल टर्मिनल बिल्डिंग में फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी का दावा है कि यह एयरपोर्ट यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव देगा और साथ ही सतत विकास एवं कनेक्टिविटी के नए आयाम स्थापित करेगा।