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क्या नोएडा में अंतरराज्यीय चोरी गैंग का पर्दाफाश हुआ?

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क्या नोएडा में अंतरराज्यीय चोरी गैंग का पर्दाफाश हुआ?

सारांश

नोएडा पुलिस ने एक मुठभेड़ में अंतरराज्यीय चोरी गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस गैंग पर दिल्ली-एनसीआर में 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से लाखों की चोरी की गई ज्वेलरी और नकदी बरामद की गई है। यह कहानी जानने के लिए आगे पढ़ें।

मुख्य बातें

नोएडा पुलिस ने एक खतरनाक चोरी गैंग का पर्दाफाश किया।
गिरफ्तार बदमाशों के खिलाफ पहले से 100 से अधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने मुठभेड़ में तीन बदमाशों को पकड़ा।
गैंग ने दिल्ली-एनसीआर में 100 से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम दिया।
पुलिस ने लाखों की ज्वेलरी और नकदी बरामद की।

नोएडा, 11 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा पुलिस ने गुरुवार-शुक्रवार की रात एक मुठभेड़ में एक ऐसे गैंग को पकड़ा है, जिस पर दिल्ली-एनसीआर में 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस गैंग ने अब तक 100 से ज्यादा चोरीरेकी करते थे और फिर लाखों-करोड़ों रुपए की चोरी की वारदातें करते थे।

नोएडा के थाना सेक्टर-24 पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिसमें गैंग का सरगना संजीव कुमार यादव भी शामिल है। मुठभेड़ के दौरान वह पुलिस की गोली से घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, उसके दो अन्य साथी कॉम्बिंग के दौरान पकड़े गए।

गिरफ्तार बदमाशों ने हाल ही में नोएडा के सेक्टर-12 और 20 में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने बताया कि जेल में मुलाकात के बाद तीनों ने मिलकर एक गैंग बनाया और दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, हरियाणा और पंजाब में चोरी की दर्जनों घटनाओं को अंजाम दिया।

10 जुलाई की रात थाना सेक्टर-24 पुलिस सेक्टर-35 की ओर जाने वाले मार्ग पर चेकिंग कर रही थी। तभी एक संदिग्ध होंडा सिटी कार को रुकने का इशारा किया गया। कार सवार बदमाशों ने पुलिस पर गोली चलाई और कार को तेज गति से सेक्टर-33 की ओर दौड़ा दिया। पीछा करने पर कार नाले की दीवार से टकरा गई। घिरने पर बदमाशों ने फिर से फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में संजीव कुमार यादव को गोली लगी।

बाद में कॉम्बिंग के दौरान अमन बग्गा (कपूरथला, पंजाब) और सर्वपाल (बहादुरगढ़, हरियाणा) को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बदमाशों के पास से एक होंडा सिटी कार, दो तमंचे, एक चाकू, 500 ग्राम सोने की ज्वेलरी, लगभग दो लाख रुपए नकद, एक एप्पल घड़ी, एक चार्जर, लैपटॉप और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।

पूछताछ में सामने आया कि तीनों बदमाश - संजीव, अमन और सर्वपाल - अलग-अलग राज्यों से हैं और दिल्ली की जेल में उनकी मुलाकात हुई थी। वहीं से उन्होंने मिलकर चोरी करने की योजना बनाई और गैंग बनाया। जेल से छूटने के बाद तीनों ने मिलकर दिल्ली-एनसीआर में चोरी की कई वारदातें की। बदमाश सुनसान इलाकों और बंद पड़े मकानों की रैकी कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। ताले तोड़ने के बाद वे कीमती सामान और नकदी चुरा लेते थे और माल को सस्ते दामों पर बेचकर अपनी मौज-मस्ती में खर्च कर देते थे। एडीसीपी नोएडा सुमित शुक्ला ने बताया कि तीनों बदमाशों के खिलाफ पहले से ही 100 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस कार्रवाई में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटनाक्रम हमारे समाज में बढ़ते अपराध की ओर इशारा करता है। पुलिस की तत्परता ने एक बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन हमें यह भी देखना होगा कि क्या ऐसी घटनाएं फिर से नहीं होंगी। यह समय है जब हम सामूहिक रूप से सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान दें।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में गिरफ्तार गैंग का क्या इतिहास है?
इस गैंग पर दिल्ली-एनसीआर में 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और यह कई वारदातों में शामिल रहा है।
पुलिस ने कब और कैसे गैंग को पकड़ा?
नोएडा पुलिस ने गुरुवार-शुक्रवार की रात मुठभेड़ के दौरान गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया।
क्या गैंग के सदस्यों के खिलाफ पहले से मामले दर्ज थे?
हां, तीनों बदमाशों के खिलाफ पहले से 100 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
राष्ट्र प्रेस
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