क्या नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच नया वैकल्पिक मार्ग जल्द उपलब्ध होगा?
सारांश
Key Takeaways
- नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच नया वैकल्पिक मार्ग
- परी चौक पर ट्रैफिक दबाव में कमी
- आवागमन में सुगमता
- स्थानीय निवासियों को लाभ
- जल्द ही तैयार होने की उम्मीद
ग्रेटर नोएडा, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना यात्रा करने वाले हजारों वाहन चालकों के लिए सुखद समाचार है। दोनों शहरों को जोड़ने के लिए एक नया वैकल्पिक मार्ग जल्द ही शुरू होने जा रहा है। नॉलेज पार्क थ्री से नोएडा के सेक्टर 146-147 के बीच हिंडन नदी पर बन रहे पुल और उससे जुड़े एप्रोच रोड का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
इस परियोजना के पूरा होने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा और भी सुगम होगी, साथ ही परी चौक पर वाहनों का दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने मंगलवार को पुल और एप्रोच रोड का स्थलीय निरीक्षण किया।
उन्होंने कार्य की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा की तरफ एप्रोच रोड की कुल लंबाई लगभग एक किलोमीटर है, जिसमें लगभग 25 करोड़ रुपए की लागत आ रही है। इस एप्रोच रोड का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, और शेष कार्य अगले छह माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यातायात को सुगम बनाने के लिए इस पुल का निर्माण ब्रिज कार्पोरेशन की निगरानी में हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पुल के निर्माण में भी लगभग इतना ही समय लगेगा। प्राधिकरण का प्रयास है कि पुल के तैयार होते ही दोनों ओर की एप्रोच रोड भी तैयार हो जाए, ताकि इस मार्ग को तुरंत वाहनों के लिए खोला जा सके।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने भी इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि नया वैकल्पिक मार्ग शुरू होने से न केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच की दूरी कम होगी, बल्कि यात्रियों का समय भी बचेगा। इसके साथ ही परी चौक जैसे प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट पर वाहनों का भार कम होगा, जिससे जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
यह मार्ग विशेष रूप से नॉलेज पार्क, सेक्टर 146-147 और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगा। स्थानीय लोगों और रोजाना यात्रा करने वालों को उम्मीद है कि यह परियोजना समय पर पूरी होगी और आने वाले महीनों में उन्हें एक नए, सुविधाजनक और सुरक्षित मार्ग का लाभ मिलेगा।