नोएडा सेक्टर 126 लेबर कैंप में आग, गैस लीक का शक; 50-60 मजदूर सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर 126 स्थित रायपुर इलाके में मंगलवार, 23 जून की सुबह करीब 6:20 बजे एक लेबर कैंप में आग लग गई। फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पाया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
चीफ फायर ऑफिसर (सीएफओ) प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस दल तुरंत घटनास्थल पर रवाना हुए। यह लेबर कैंप जी+1 संरचना वाला है, जहाँ खबरों के अनुसार उस समय करीब 50 से 60 मजदूर रह रहे थे। शुरुआत में यह आशंका थी कि कई लोग इमारत के भीतर फँसे हो सकते हैं, जिसके चलते बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया।
सीएफओ चौबे ने कहा, 'रायपुर में सेक्टर 126 के एक लेबर कैंप में सुबह करीब 6:20 बजे आग लगने की सूचना मिली। लोगों के फँसे होने की खबर मिलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुँचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया।'
आग की संभावित वजह
अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जाँच में गैस लीक को आग का संभावित कारण माना जा रहा है। सीएफओ ने स्पष्ट किया, 'आग गैस लीक होने की वजह से लगी थी। जब टीमें वहाँ पहुँचीं, तो अंदर कोई भी फँसा हुआ नहीं मिला।' हालाँकि आग की सटीक वजह जानने के लिए विस्तृत जाँच जारी है।
राहत: कोई हताहत नहीं
अधिकारियों ने पुष्टि की कि आग को व्यापक रूप से फैलने से पहले ही काबू में कर लिया गया और सभी निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की कोई सूचना नहीं है।
पृष्ठभूमि: लखनऊ अग्निकांड की छाया
यह घटना ऐसे समय में हुई जब लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग से 18 लोगों की मौत हो गई थी — जिसे उत्तर प्रदेश की हालिया सबसे भयावह अग्नि दुर्घटनाओं में से एक बताया जा रहा है। अधिकारियों ने 15 पीड़ितों की पहचान कर ली है और खबरों के मुताबिक उनमें से अधिकांश की उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच थी। दो घायल — लवप्रीत और जयंत — अभी भी किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में उपचाराधीन हैं। नोएडा में हुई इस घटना के नतीजे उस त्रासदी से बिल्कुल अलग रहे, जो दमकल दल की त्वरित कार्रवाई का परिणाम है।
आगे क्या
प्रशासन ने आग की असल वजह और लेबर कैंप में सुरक्षा मानकों की स्थिति की जाँच शुरू कर दी है। गैस लीक की पुष्टि होने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।