क्या नोएडा में साइबर ठगों ने रिटायर्ड इंजीनियर से 80 लाख रुपए की ठगी की?

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क्या नोएडा में साइबर ठगों ने रिटायर्ड इंजीनियर से 80 लाख रुपए की ठगी की?

सारांश

नोएडा में एक रिटायर्ड इंजीनियर के साथ हुई 80 लाख रुपये की साइबर ठगी ने सभी को चौंका दिया है। ठगों ने एक फर्जी ऐप के जरिए निवेश का लालच देकर पीड़ित को ठगा। यह घटना दिखाती है कि कैसे साइबर ठग वृद्ध लोगों को निशाना बना रहे हैं।

मुख्य बातें

साइबर ठगों से सतर्क रहें।
फर्जी ऐप्स पर विश्वास न करें।
निवेश से पहले कंपनी की जाँच करें।
सोशल मीडिया पर अनजान कॉल्स से सावधान रहें।
प्रभावित व्यक्तियों को तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए।

नोएडा, 27 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड इंजीनियर को शेयर बाजार में निवेश के नाम पर मोटी कमाई का लालच देकर 80 लाख रुपये की ठगी कर दी।

ठगों ने पीड़ित को एक फर्जी ऐप डाउनलोड करवाया और उसमें निवेश पर भारी मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास जीता। जब इंजीनियर ने पैसे निकालने का प्रयास किया, तो ठगी का खुलासा हुआ। इस मामले में साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार, रिटायर्ड इंजीनियर से ठगों ने सोशल मीडिया और फोन कॉल के माध्यम से संपर्क किया। उन्हें शेयर बाजार में निवेश करने और कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। ठगों ने पीड़ित को एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा, जिसे वे निवेश प्लेटफार्म बताते थे। इस ऐप में पीड़ित ने धीरे-धीरे 80 लाख रुपये जमा किए, जो 10 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। ऐप में दिखाया गया कि उनके निवेश पर भारी मुनाफा हो रहा है, जिससे पीड़ित का भरोसा बढ़ता गया।

हालांकि, जब इंजीनियर ने अपने पैसे और मुनाफे को निकालने की कोशिश की, तो ऐप ने काम करना बंद कर दिया। ठगों ने तरह-तरह के बहाने बनाए और अतिरिक्त पैसे जमा करने की मांग की। तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत नोएडा के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज की। पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर अपराध के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग अक्सर रिटायर्ड लोगों और कम तकनीकी जानकारी रखने वालों को निशाना बनाते हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनजान ऐप्स पर भरोसा न करें और निवेश से पहले कंपनी की विश्वसनीयता जांच लें। इस मामले में पुलिस बैंक खातों और ऐप की जानकारी के आधार पर ठगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हम सभी के लिए एक चेतावनी है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ठगी का शिकार होने पर क्या करना चाहिए?
अगर आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर ठगों से कैसे बचा जा सकता है?
अनजान ऐप्स पर भरोसा न करें और निवेश से पहले कंपनी की जांच करें।
क्या साइबर ठग केवल रिटायर्ड लोगों को निशाना बनाते हैं?
नहीं, लेकिन रिटायर्ड लोग और तकनीकी जानकारी कम रखने वाले लोग अधिक शिकार बनते हैं।
फर्जी ऐप्स की पहचान कैसे करें?
फर्जी ऐप्स की पहचान करने के लिए उनकी रेटिंग, रिव्यू और डेवलपर की जानकारी जांचें।
क्या निवेश करने से पहले किसी को बताना चाहिए?
हां, निवेश करने से पहले किसी विश्वसनीय व्यक्ति या विशेषज्ञ से सलाह लेना हमेशा फायदेमंद होता है।
राष्ट्र प्रेस
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