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क्या नोएडा में घरेलू सहायिका बनकर ज्वेलरी चोरी करने वाली दो महिलाएं गिरफ्तार हुईं?

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क्या नोएडा में घरेलू सहायिका बनकर ज्वेलरी चोरी करने वाली दो महिलाएं गिरफ्तार हुईं?

सारांश

नोएडा में दो महिलाएं, जो घरेलू सहायिका बनकर ज्वेलरी चुराने का काम करती थीं, गिरफ्तार हो गई हैं। पुलिस ने 85 लाख रुपये के आभूषण बरामद किए हैं। यह मामला घरेलू सहायिकाओं के सत्यापन पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता को उजागर करता है।

मुख्य बातें

नोएडा में दो महिलाएं गिरफ्तार हुईं।
महिलाओं ने घरेलू सहायिका बनकर ज्वेलरी चोरी की।
पुलिस ने 85 लाख रुपये की ज्वेलरी बरामद की।
जांच में सीसीटीवी फुटेज का उपयोग किया गया।
घरेलू सहायिकाओं के सत्यापन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

नोएडा, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के थाना सेक्टर-24 और थाना सेक्टर-49 की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में घरेलू सहायिका बनकर घरों से कीमती ज्वैलरी चुराने वाले गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है।

पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं, मामूनी जना उर्फ मोनी पत्नी निर्मल यादव और आशा उर्फ मामोनी उर्फ मोनी यादव पत्नी कमल यादव को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। इनके पास से लगभग 85 लाख रुपये की ज्वैलरी/डायमंड और करीब 2 लाख 89 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाएं पिछले पांच वर्षों से नोएडा में घरेलू सहायिका के रूप में काम मांगने के बहाने घर-घर जाती थीं। वहां काम मिलने पर वे मौके का फायदा उठाकर अलमारी या आभूषण चुरा लेती थीं। चोरी के बाद वे उस घर में फिर कभी नहीं लौटती थीं और गहनों को गलवाकर या राह चलते व्यक्तियों को अपनी मजबूरी बताकर बेच देती थीं।

पुलिस ने बताया कि चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, लोकल इंटेलिजेंस और सर्विलांस की मदद से संदिग्ध महिलाओं की पहचान की गई। जानकारी मिलने पर टीमें पश्चिम बंगाल रवाना हुईं और 19 नवंबर को मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपितों को पूर्वी मेदनीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से तीन दिन का ट्रांज़िट रिमांड मंजूर किया गया। अब दोनों को नोएडा अदालत में पेश किया जा रहा है।

पूछताछ में पहली अभियुक्ता मामूनी ने बताया कि उसने सेक्टर-12 पी-ब्लॉक के घर से सोने-चांदी के आभूषण चुराए और उनमें से कुछ को बेचकर तीन लाख रुपये प्राप्त किए। दूसरी अभियुक्ता आशा ने बताया कि उसने सेक्टर-49 के घर में काम के दौरान अलमारी से सोने के आभूषण और नकदी चुराई थी और दिवाली के बाद सारा सामान लेकर अपने पति के साथ पश्चिम बंगाल लौट गई थी। वहां गहनों को गलवाकर और कुछ को बेचकर लगभग 1 लाख 34 हजार रुपये प्राप्त किए।

बरामदगी में दोनों थानों से मिलाकर भारी मात्रा में सोने-चांदी के चैन, नैकलेस, इयर रिंग, कड़े, ब्रेसलेट, सोने के छोटे-बड़े टुकड़े, डायमंड ज्वैलरी और नकद शामिल हैं, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 85 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाओं के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है। पुलिस घरेलू सहायिका के नाम पर अपराध करने वाले ऐसे गिरोहों पर कड़ी निगरानी रखे हुए है और लोगों से अपील की है कि घरेलू सहायिका रखते समय सत्यापन अवश्य कराएं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि आम जनता को सुरक्षित रखा जा सके।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या महिलाओं ने कितनी ज्वेलरी चुराई?
महिलाओं ने लगभग 85 लाख रुपये की ज्वेलरी चुराई थी।
महिलाएं कब से इस अपराध में संलग्न थीं?
महिलाएं पिछले पांच वर्षों से इस अपराध में संलग्न थीं।
पुलिस ने महिलाओं को कहाँ से गिरफ्तार किया?
पुलिस ने महिलाओं को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया।
क्या पुलिस ने महिलाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई की है?
हाँ, पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामले दर्ज किए हैं।
क्या घरेलू सहायिकाओं का सत्यापन आवश्यक है?
हाँ, यह घटना घरेलू सहायिकाओं के सत्यापन की आवश्यकता को उजागर करती है।
राष्ट्र प्रेस
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