नोएडा में ऑनलाइन डेटिंग ऐप से ब्लैकमेलिंग गैंग का खुलासा, चार गिरफ्तार

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नोएडा में ऑनलाइन डेटिंग ऐप से ब्लैकमेलिंग गैंग का खुलासा, चार गिरफ्तार

सारांश

नोएडा में ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को फंसाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से ज्वैलरी और नकदी बरामद की गई है। जानें इस गिरोह के शातिर तरीके और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।

Key Takeaways

  • ब्लैकमेलिंग और लूट की घटनाओं में वृद्धि।
  • चार आरोपियों की गिरफ्तारी और कीमती सामान की बरामदगी।
  • ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स पर सावधानी बरतने की आवश्यकता।
  • फर्जी पहचान का उपयोग कर अपराध करने वाले गिरोह।
  • पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और जांच।

नोएडा, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के सेक्टर-126 थाने की पुलिस ने ऑनलाइन डेटिंग ऐप के माध्यम से लोगों को फंसाकर ब्लैकमेलिंग और लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से कीमती ज्वैलरी और नकदी भी बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार, 2 अप्रैल को स्थानीय खुफिया जानकारी की सहायता से कार्रवाई करते हुए सुशांक सिंह, प्रदीप, रोहित कुमार और वासु को पकड़ा गया। ये सभी आरोपी विभिन्न राज्यों और जिलों के निवासी हैं, लेकिन दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रहकर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक डायमंड सॉलिटेयर, एक सोने की चेन और ₹14,530 नकद बरामद हुए हैं।

जांच में यह पता चला है कि आरोपी बहुत ही शातिर तरीके से अपराध करते थे। वे फर्जी आधार कार्ड का उपयोग करके किराए पर कमरा लेते थे, ताकि उनकी असली पहचान छिपी रहे। इसके बाद ये लोग विभिन्न ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स पर नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते थे। जब कोई व्यक्ति इनके जाल में फंस जाता था, तो उसे मिलने के लिए किराए के कमरे पर बुलाया जाता था। वहां पहुंचने के बाद आरोपी पीड़ित को आपत्तिजनक स्थिति में फंसा लेते थे और उसके फोटो या वीडियो बना लेते थे।

इसके बाद उन तस्वीरों और वीडियो को वायरल करने या परिवार वालों को भेजने की धमकी देकर पीड़ित को ब्लैकमेल किया जाता था। डर और बदनामी के भय से पीड़ित व्यक्ति आरोपियों को नकद पैसे देने के लिए मजबूर हो जाता था। इतना ही नहीं, आरोपी मौके पर ही पीड़ित के पास मौजूद सोने-चांदी के आभूषण भी छीन लेते थे।

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पूरी तरह से संगठित तरीके से काम कर रहा था। फर्जी पहचान, चोरी के मोबाइल और सिम कार्ड का उपयोग कर ये लोग लंबे समय से इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और लूट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।

पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और अन्य संभावित वारदातों की भी जांच कर रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे ऑनलाइन डेटिंग ऐप का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और किसी अनजान व्यक्ति से मिलने से पहले उसकी पहचान की पूरी जांच कर लें।

Point of View

NationPress
06/04/2026

Frequently Asked Questions

इस गिरोह ने लोगों को कैसे फंसाया?
गिरोह ने फर्जी प्रोफाइल बनाकर ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स पर लोगों से संपर्क किया और उन्हें मिलने के लिए किराए के कमरे पर बुलाया।
पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक डायमंड सॉलिटेयर, एक सोने की चेन और ₹14,530 नकद बरामद हुए।
क्या लोग इस प्रकार के ऐप्स का उपयोग करते समय सतर्क रहें?
हां, लोगों को अनजान व्यक्तियों से मिलने से पहले उनकी पहचान की पूरी जांच करनी चाहिए।
क्या यह गिरोह पहले से सक्रिय था?
हां, यह गिरोह लंबे समय से इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
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