नोएडा में PG-घर चोरी गिरोह का भंडाफोड़: रोहित उर्फ छंगा गिरफ्तार, 4 नाबालिग पकड़े, 10 मोबाइल-MacBook बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना सेक्टर-63 पुलिस ने 29 सितंबर 2026 को पीजी और किराये के मकानों में रह रहे लोगों के मोबाइल फोन व लैपटॉप चुराने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी रोहित उर्फ छंगा को गिरफ्तार किया और उसके साथ मौजूद चार नाबालिगों को संरक्षण में लिया। आरोपियों के कब्जे से एक चोरी की हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, एक एप्पल मैकबुक प्रो लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन और एक अवैध चाकू बरामद किया गया है।
गिरफ्तारी कैसे हुई
पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को थाना सेक्टर-63 की टीम को लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के माध्यम से इस गिरोह की भनक लगी। सूचना मिलते ही पुलिस ने छिजारसी बारातघर के पास घेराबंदी की और मुख्य आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहित उर्फ छंगा, पुत्र मंगल सिंह, निवासी ग्राम पूरनपुर, थाना शाहवर, जिला कासगंज के रूप में हुई है। वह वर्तमान में छिजारसी कॉलोनी, थाना सेक्टर-63, गौतमबुद्धनगर में रह रहा था। पुलिस के मुताबिक उसकी उम्र करीब 20 वर्ष है।
गिरोह का तरीकाकार
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले उन इलाकों की रैकी करते थे जहाँ किरायेदारों और पीजी में रहने वालों की संख्या अधिक होती थी। इसके बाद मौका पाकर वे कमरों में घुसकर मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य कीमती सामान उड़ा लेते थे।
चोरी के बाद यह गिरोह बरामद सामान को कम कीमत पर राह चलते लोगों को अपनी 'मजबूरी' बताकर बेच देता था। इस तरह चोरी के माल का तेजी से ठिकाना लगाया जाता था, जिससे पकड़े जाने का खतरा कम रहे।
बरामद सामान और पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार बरामद हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल के संबंध में थाना सेक्टर-49 नोएडा में चोरी का मामला पहले से दर्ज है। पुलिस अब बरामद 10 मोबाइल फोन और एप्पल मैकबुक प्रो का मिलान पूर्व में दर्ज चोरी की शिकायतों से कर रही है, ताकि असली मालिकों की पहचान की जा सके।
आरोपी रोहित के खिलाफ थाना सेक्टर-63 और थाना सेक्टर-49 में चोरी, अवैध हथियार रखने और आबकारी अधिनियम से संबंधित मामले पहले से दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त थाना सेक्टर-63 में आयुध अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज है, जो दर्शाता है कि यह पहली बार नहीं है जब वह पुलिस की नजर में आया।
आगे की जाँच
पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के सामान की बिक्री की पूरी चेन का पता लगाने में जुटी है। चार नाबालिगों को बाल संरक्षण प्रक्रिया के तहत संभाला जा रहा है। यह मामला नोएडा के घनी आबादी वाले किरायेदार-बहुल इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है।